Prabhasakshi's Newsroom। भाजपा ने चौंकाने का सिलसिला रखा जारी, पीछे बैठे व्यक्ति को चुना विधायक दल का नेता

By अनुराग गुप्ता | Sep 13, 2021

भाजपा हमेशा से चौंकाने के लिए जानी जाती है और गुजरात में भी यही देखने को मिला। मीडिया में चल रहे नामों के इतर भाजपा ने एक नए चेहरे को विधायक दल का नेता चुना। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि वह पहली बार ही विधायक बने थे। वहीं बात भवानीपुर विधानसभा चुनाव की करेंगे। यहां पर ममता बनर्जी को सीधी टक्कर देने के लिए भाजपा ने एक वकील को मैदान में उतारा है और शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमें चुनाव में प्रशासन, पुलिस, माफिया से भी लड़ना पड़ेगा. जाते-जाते उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की भी करेंगे। 

पहली बार विधायक बने भूपेंद्र पटेल आज गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पटेल विजय रूपाणी की जगह लेंगे जिन्होंने राज्य में विधानसभा चुनाव से 15 महीने पहले शनिवार को अचानक इस्तीफा दे दिया था। पटेल को रविवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया और अब वह 17वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।पहली बार विधायक बने पटेल का नाम शीर्ष पद के लिए सामने आने पर कई लोगों को हैरानी हुई क्योंकि राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री के लिए जिन नामों की अटकलें चल रही थी, उनमें कहीं भी उनका नाम नहीं था। लेकिन तमाम नेताओं को पीछे छोड़ते हुए पटेल ने बाजी मार ली।विधायक दल की बैठक में भूपेंद्र पटेल सबसे पीछे बैठे हुए थे और उन्हें पता भी नहीं था कि उनके नाम का प्रस्ताव रखा जा सकता है। लेकिन विजय रूपाणी ने ही उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिन्हें सभी ने स्वीकार कर लिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक शपथ ग्रहण समारोह में केवल पटेल शपथ लेंगे और गुजरात के नए मंत्रिमंडल के बारे में निर्णय बाद में लिया जाएगा। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद भूपेंद्र पटेल ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मुलाकात की। राज्यपाल ने ट्वीट किया कि भाजपा विधायक दल के नए नेता भूपेंद्रभाई पटेल ने अपने नेतृत्व में सरकार बनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए उन्हें 13 सितंबर को 2 बजकर 20 मिनट पर मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भाग ले सकते हैं। 

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आपको बता दें कि पटेल को मृदुभाषी कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने नगरपालिका स्तर के नेता से लेकर प्रदेश की राजनीति में शीर्ष पद तक का सफर तय किया है। पटेल 2017 के विधानसभा चुनाव में राज्य की घाटलोडिया सीट से पहली बार चुनाव लड़े थे और जीते थे। सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने वाले और अपने समर्थकों के बीच ‘दादा’ के नाम से पुकारे जाने वाले पटेल को गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री और अब उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का करीबी माना जाता है।

ममता सरकार पर बरसे अधिकारीपश्चिम बंगाल के भवानीपुर विधानसभा सीट पर 30 सितंबर को होने वाले उपचुनाव में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा की ओर से प्रियंका टिबरेवाल मैदान में उतरी हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस नेता फिरहाद हकीम ने भाजपा उम्मीदवार को बच्ची करार दिया, जिसके बाद विवाद गर्मा गया।आपको बता दें कि प्रियंका टिबरेवाल कुछ साल पहले भाजपा में शामिल हुई थीं और इस साल के शुरू में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें इंटैली सीट से हार का सामना करना पड़ा था। वह पेशे से वकील हैं, जो विधानसभा चुनाव के बाद अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों के मामलों को अदालत तक लेकर गईं और अब ममता के खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोल रखा है।इसी बीच नंदीग्राम से ममता को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भाजपा को चुनाव में प्रशासन, पुलिस, माफिया और धनबल से लड़ना होगा।UP में प्रियंका के नेतृत्व में उतरेगी कांग्रेसउत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार कार्यकर्ताओं के हौसले को बढ़ाने में जुटी हुई हैं। हाल ही में उन्होंने लखनऊ का दौरा किया था और फिर रायबरेली पहुंची। जहां पर उन्होंने योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उसे न जनता के मुद्दों की समझ है और न ही उनसे कोई सरोकार है, बस झूठे विज्ञापन और हवाई दावों की सरकार है। 

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वहीं, पार्टी नेता ने बताया कि पार्टी महासचिव ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान उन्हें बताया कि पार्टी इस बार उम्मीदवारों की सही समय पर घोषणा करने की योजना बना रही है। इंदिरा गांधी के जमाने से गांधी परिवार का गढ़ रहे रायबरेली संसदीय क्षेत्र में 5 विधानसभा क्षेत्र हैं जिनमें हरचंदपुर, रायबरेली, बछरावां, सरेनी और ऊंचाहार क्षेत्र आते हैं। इनमें 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 2, भाजपा को 2 और समाजवादी पार्टी को एक सीट मिली थी।

2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सात सीटों पर सिमट गई थी। तब अमेठी संसदीय क्षेत्र में चार विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा और एक में सपा जीती लेकिन कांग्रेस एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई थी। राजनीतिक विश्‍लेषकों के मुताबिक प्रियंका अगले वर्ष होने वाले चुनाव के दृष्टिगत गांधी परिवार के इस गढ़ को मजबूत बनाने के इरादे से दौरे पर आई हैं। 

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इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद का बयान सामने आया। जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रियंका गांधी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का चुनाव लड़ेगी। हालांकि सही समय आने पर प्रियंका मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान कर सकती हैं।

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