By एकता | May 14, 2026
बीजिंग में बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जोरदार स्वागत हुआ। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर चीन पहुंचे ट्रंप ने चीनी नेतृत्व की जमकर तारीफ की। शी जिनपिंग ने इस मुलाकात के दौरान कहा कि चीन और अमेरिका के बीच जो साझा हित हैं, वे उनके आपसी मतभेदों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। दोनों नेताओं के बीच यह सातवीं मुलाकात है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
| Today 12:48 | Trump-Jinping Meeting Live Updates: बीजिंग में ट्रंप-शी की मुलाकात पर भारत की टिकी नजरेंTrump-Jinping Meeting Live Updates: बीजिंग में दो दिनों तक चलने वाली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात पर भारत की राजधानी नई दिल्ली के राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में बेहद बारीकी से नजर रखी जा रही है। पिछले करीब 25 सालों से दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों अमेरिका और भारत ने अपने आपसी रिश्तों को बहुत मजबूत किया है। खुले बाजार और विशाल अर्थव्यवस्था के दावों के पीछे दोनों देशों की एक बड़ी साझा चिंता चीन का तेजी से बढ़ता प्रभाव और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में बीजिंग की आक्रामकता को रोकना था। लेकिन अब ट्रंप के बदले हुए रुख ने भारत की चिंताओं को बढ़ा दिया है, क्योंकि उन्होंने एक तरफ शी जिनपिंग के नेतृत्व की खुलकर तारीफ की है और दूसरी तरफ भारत पर पिछले साल भारी-भरकम 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दिया था, जिसे फिलहाल बातचीत के बाद घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है। |
| Today 12:45 | Trump-Jinping Meeting Live Updates: अगले तीन साल के लिए तय हुआ अमेरिका-चीन संबंधों का भविष्यTrump-Jinping Meeting Live Updates: चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत में दोनों देश अपने आपसी संबंधों को एक नया मोड़ देने पर सहमत हो गए हैं। दोनों नेताओं ने चीन-अमेरिका संबंधों को एक 'रचनात्मक, रणनीतिक और स्थिर रिश्ते' के रूप में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। चीनी सरकार का मानना है कि यह नया दृष्टिकोण अगले तीन साल और उससे आगे के लिए दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक मजबूत रणनीतिक दिशा देगा। बयान के मुताबिक, शी जिनपिंग ने ट्रंप से कहा कि दोनों देशों की आर्थिक और व्यापारिक टीमों की बातचीत का एक संतुलित और सकारात्मक नतीजा निकला है, और अब दोनों पक्षों को मिलकर इस कड़ी मेहनत से हासिल की गई सकारात्मक गति को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि चीन के विकास और बाजार के दरवाजे दुनिया के लिए और चौड़े होंगे। चूंकि अमेरिकी कंपनियां चीन के सुधारों और विकास में गहराई से जुड़ी हुई हैं, इसलिए चीन अमेरिका का स्वागत करता है कि वह उनके साथ इस आपसी फायदे वाले सहयोग को और ज्यादा मजबूत करे। |
| Today 12:41 | Trump-Jinping Meeting Live Updates: चीनी विदेश मंत्रालय का बयान, शी जिनपिंग और ट्रंप के बीच वैश्विक मुद्दों पर हुई गहन चर्चाTrump-Jinping Meeting Live Updates: चीनी विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत को लेकर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। मंत्रालय के अनुसार, दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के कई बड़े और बेहद संवेदनशील मुद्दों पर अपने-अपने विचार साझा किए। बंद कमरे में हुई इस उच्च स्तरीय मुलाकात के दौरान दोनों महाशक्तियों के नेताओं ने मुख्य रूप से मध्य पूर्व के मौजूदा हालात, लंबे समय से जारी यूक्रेन संकट और कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ते तनाव पर गंभीरता से चर्चा की। |
| Today 12:38 | Trump-Jinping Meeting Live Updates: ताइवान की संप्रभुता पर टकराए अमेरिका और चीनTrump-Jinping Meeting Live Updates: अमेरिका की कैबिनेट प्रवक्ता मिशेल ली ने संवाददाताओं से बातचीत में साफ किया है कि वाशिंगटन ने ताइवान के लिए अपने समर्थन को बार-बार दोहराया है। वर्तमान में बीजिंग में चल रहे ट्रंप-शी शिखर सम्मेलन के दौरान ताइवान का मुद्दा दोनों देशों के बीच चर्चा के सबसे संवेदनशील और अहम मसलों में से एक बना हुआ है। अमेरिका का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब चीन ताइवान को लेकर लगातार कड़ा रुख अपनाए हुए है। गौरतलब है कि ताइवान की सरकार खुद को एक वास्तविक संप्रभु देश का प्रमुख मानती है और अपनी लोकतांत्रिक स्वतंत्रता की रक्षा के पक्ष में है। वहीं दूसरी तरफ, बीजिंग इस 2 करोड़ 30 लाख की आबादी वाले स्वशासित द्वीप पर अपना दावा ठोकता है और इसे अपने क्षेत्र का एक अभिन्न हिस्सा मानता है। |
| Today 12:36 | Trump-Jinping Meeting Live Updates: विश्लेषक का दावा, ईरान युद्ध और तेल की कीमतों से कमजोर पड़े ट्रंपTrump-Jinping Meeting Live Updates: चीन के स्वतंत्र विश्लेषक एंड्रयू लियोंग का मानना है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बीजिंग में हो रही मुलाकातों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले के मुकाबले काफी कमजोर स्थिति में हैं। लियोंग ने अल जजीरा से बातचीत में कहा कि ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से हालात अभी तक सुधर नहीं पाए हैं। इस संघर्ष की वजह से अमेरिका के भीतर ही लोग युद्ध का विरोध कर रहे हैं और लगातार बढ़ती तेल की कीमतों ने घरेलू मोर्चे पर ट्रंप प्रशासन के ऊपर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है, जिससे बातचीत की मेज पर उनका पलड़ा थोड़ा हल्का नजर आ रहा है। इसके विपरीत, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस दौरान अपनी स्थिति को काफी मजबूत कर लिया है। लियोंग के अनुसार, रेयर अर्थ प्रोसेसिंग पर चीन का एकछत्र दबदबा है, जो अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान 'F-35' सहित कई सैन्य साजो-सामान को बनाने के लिए बेहद जरूरी घटक हैं। इस नियंत्रण की वजह से बीजिंग को वाशिंगटन पर एक बड़ी रणनीतिक बढ़त मिल गई है। उन्होंने साफ किया कि इन दोनों महाशक्तियों के बीच लंबे समय तक आपसी प्रतिद्वंद्विता और टकराव का दौर चलता रहेगा, और ट्रंप की इस यात्रा को किसी भी तरह से दोनों देशों के रिश्तों की एक पूरी तरह से नई और शांतिपूर्ण शुरुआत नहीं माना जा सकता। |
| Today 12:33 | Trump-Jinping Meeting Live Updates: ट्रंप-शी मुलाकात के नतीजों पर सस्पेंस, पत्रकारों के सवालों पर ट्रंप ने कहा- बहुत बढ़ियाTrump-Jinping Meeting Live Updates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता के नतीजों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। जब पत्रकारों ने ट्रंप से इस मुलाकात और चर्चा के बारे में सवाल पूछा, तो उन्होंने विस्तृत जानकारी देने के बजाय केवल इतना ही कहा, 'बहुत बढ़िया'। इसके अलावा उन्होंने बातचीत से जुड़े किसी भी अन्य मुद्दे पर कुछ भी कहने से पूरी तरह परहेज किया। इस दौरान पत्रकारों ने डोनाल्ड ट्रंप से विशेष रूप से यह भी पूछा कि क्या उनकी चीनी राष्ट्रपति के साथ ताइवान के संवेदनशील मुद्दे पर कोई चर्चा हुई है। हालांकि, शी जिनपिंग के साथ बीजिंग के ऐतिहासिक 'टेंपल ऑफ हेवन' पहुंचने के बाद तस्वीरें खिंचवाते समय ट्रंप ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया और चुप्पी साधे रखी। दोनों नेताओं की इस रहस्यमयी खामोशी के बाद अब पूरी दुनिया में इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि बंद कमरे में हुई इस मुलाकात में आखिर क्या फैसले हुए हैं। |
| Today 12:31 | Trump-Jinping Meeting Live Updates: रुबियो बोले- चीन का उदय हमारी गिरावट की कीमत पर होना अस्वीकार्य हैTrump-Jinping Meeting Live Updates: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा के दौरान चीन को ईरान युद्ध संकट के समाधान में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए राजी कर लिया जाएगा। बीजिंग जाते समय 'फॉक्स न्यूज' को दिए इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि ईरान युद्ध पूरी दुनिया और खासकर एशिया के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि एशिया अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए समुद्री रास्तों पर निर्भर है। उन्होंने साफ किया कि इस संकट का हल होना खुद चीन के हित में है क्योंकि वह ईरान से भारी मात्रा में तेल खरीदता है। हालांकि, रवाना होने से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था कि वह इस मुद्दे पर शी जिनपिंग से लंबी चर्चा तो करेंगे, लेकिन उन्हें ईरान के मामले में चीन की मदद की जरूरत नहीं है और अमेरिका किसी भी तरह यह जंग जीत जाएगा। मार्को रुबियो ने चीन को अमेरिका की सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती और सबसे महत्वपूर्ण रिश्ता बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका चीन के विकास को रोकने की कोशिश नहीं कर रहा है, लेकिन चीन का उत्थान अमेरिकी पतन की कीमत पर नहीं होना चाहिए। रुबियो के मुताबिक, दोनों देशों के हित आपस में टकराते हैं, लेकिन युद्ध से बचने और वैश्विक शांति के लिए इस रिश्ते को संभालना बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि बुधवार रात तीन दिवसीय दौरे पर बीजिंग पहुंचे ट्रंप का स्वागत खुद चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने हवाई अड्डे पर किया, जो सामान्य राजनयिक प्रोटोकॉल से हटकर एक दुर्लभ कदम था और इस दौरे की गंभीरता को दर्शाता है। |
| Today 12:26 | Trump-Jinping Meeting Live Updates: ताइवान मुद्दे पर शी जिनपिंग की ट्रंप को चेतावनीTrump-Jinping Meeting Live Updates: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि ताइवान को लेकर आपसी मतभेद दोनों देशों के बीच टकराव या बड़े संघर्ष की वजह बन सकते हैं। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के मुताबिक, बीजिंग में दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में दो घंटे तक चली बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि अगर ताइवान के मामले को समझदारी से संभाला गया, तो अमेरिका और चीन के रिश्ते पूरी तरह मजबूत और स्थिर बने रहेंगे। शी जिनपिंग ने यह भी साफ कर दिया कि अगर इस मुद्दे को ठीक से नहीं संभाला गया, तो दोनों देशों के बीच सीधे टकराव की स्थिति बन सकती है, जिससे उनके पूरे द्विपक्षीय संबंध गंभीर खतरे में पड़ जाएंगे। दोनों महाशक्तियों के बीच हुई इस लंबी और बेहद संवेदनशील बातचीत के खत्म होने के बाद पूरी दुनिया की नजरें अब अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हैं। |
| Today 12:23 | Trump-Jinping Meeting Live Updates: व्यापारिक समझौतों और 'लेन-देन' पर टिका है नतीजाTrump-Jinping Meeting Live Updates: बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच पहले दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है। चीन के स्वतंत्र रणनीतिकार एंड्रयू लेओंग के अनुसार, इस शिखर सम्मेलन के नतीजे बहुत चौंकाने वाले नहीं, बल्कि 'सीधे-सादे और लेन-देन वाले' होने की उम्मीद है। चीन के लिए अमेरिका से सोयाबीन और बोइंग विमान खरीदना एक आसान और कम लागत वाली रियायत है, क्योंकि वह अपनी खरीदारी ब्राजील या एयरबस से हटाकर आसानी से अमेरिका की तरफ मोड़ सकता है। दूसरी तरफ, राष्ट्रपति ट्रंप के साथ आया व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें एप्पल, ब्लैकरॉक और टेस्ला जैसी बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं, यह साफ दिखाता है कि अमेरिका को इस यात्रा से क्या चाहिए। ट्रंप का मुख्य मकसद अमेरिकी कंपनियों के लिए चीन के बाजार खोलना और निवेश जुटाना है, ताकि वह मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले घटती लोकप्रियता के बीच अपने राजनीतिक आधार को मजबूत कर सकें। इसके बदले में, चीन भी अमेरिका से टैरिफ में ढील, चीनी कंपनियों से प्रतिबंध हटाने, एडवांस्ड सेमीकंडक्टर तक पहुंच और अमेरिकी धरती पर चीनी निवेश की मंजूरी चाहेगा, जिससे अमेरिका में भी रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें। |
| Today 12:21 | Trump-Jinping Meeting Live Updates: व्यापार और ताइवान पर चीन की नजरTrump-Jinping Meeting Live Updates: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान बीजिंग का सबसे बड़ा संदेश यह है कि दोनों देशों के लिए टकराव के बजाय सहयोग का रास्ता चुनना ज्यादा फायदेमंद होगा। धीमी पड़ती अर्थव्यवस्था से जूझ रहा चीन इस समय अमेरिका से बेहतर टैरिफ शर्तें, लगातार व्यापार प्रवाह और निवेश चाहता है, ताकि चीनी कारोबारियों और वैश्विक निवेशकों का भरोसा फिर से बहाल किया जा सके। इसके अलावा, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए सबसे संवेदनशील और अहम मुद्दा ताइवान का है। चीन की पूरी कोशिश है कि वह राष्ट्रपति ट्रंप को ताइवान की आजादी पर अपने रुख में बदलाव करने या ताइपे को दी जाने वाली हथियारों की सप्लाई कम करने के लिए राजी कर ले, जिसे चीन अपनी एक बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत मान रहा है। |
| Today 12:20 | Trump-Jinping Meeting Live Updates: राष्ट्रपति ट्रंप की चीन यात्रा के बीच वेंस का मजाकिया बयानTrump-Jinping Meeting Live Updates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा के दौरान व्हाइट हाउस की जिम्मेदारी संभाल रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक मजेदार बयान दिया है। सीक्रेट सर्विस के नियमों के मुताबिक राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति एक साथ विदेश यात्रा नहीं कर सकते, इसलिए अमेरिका में अकेले मौजूद वेंस ने अपनी स्थिति की तुलना 1990 की मशहूर फिल्म 'होम अलोन' के मुख्य किरदार केविन से की। उन्होंने हंसते हुए कहा कि जब वह शांत व्हाइट हाउस में प्रवेश करते हैं, तो उन्हें खुद को अकेला पाकर बिल्कुल वैसा ही महसूस होता है। हालांकि, इस हल्के-फुल्के अंदाज के बीच धोखाधड़ी विरोधी कार्यबल के प्रमुख वेंस ने राज्यों को कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो राज्य संदिग्ध धोखाधड़ी पर ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई का पालन नहीं करेंगे, उनके सरकारी स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रमों की संघीय फंडिंग रोक दी जाएगी। |
| Today 12:18 | Trump-Jinping Meeting Live Updates: बीजिंग में राष्ट्रपति ट्रंप का भव्य स्वागत, शी जिनपिंग ने की मेजबानीTrump-Jinping Meeting Live Updates: चीन की राजकीय यात्रा पर बीजिंग पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुरुवार सुबह भव्य स्वागत किया गया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' के बाहर एक शानदार स्वागत समारोह की मेजबानी की, जहां दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से मुलाकात की। इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान दोनों वैश्विक महाशक्तियों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों और व्यापारिक समझौतों पर बातचीत होने की उम्मीद है। |