Donald Trump की Iran को 'विनाशकारी' चेतावनी, '3 दिन में फट सकता है ईरान का तेल इंफ्रास्ट्रक्चर'

By रेनू तिवारी | Apr 27, 2026

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और तकनीकी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी नाकेबंदी के कारण यदि ईरान कच्चे तेल का निर्यात नहीं कर पाता है, तो अगले तीन दिनों के भीतर उसका पूरा तेल नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर "अंदरूनी दबाव" के कारण ध्वस्त हो सकता है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखे हुए है, जिसका मकसद ईरान पर शांति समझौते को स्वीकार करने का दबाव बनाना है।

उन्होंने कहा, "जब आपके सिस्टम से भारी मात्रा में तेल की लाइनें गुज़र रही होती हैं, और अगर किसी भी कारण से वह लाइन बंद हो जाती है—क्योंकि आप उसे कंटेनरों या जहाज़ों में भरना जारी नहीं रख पाते—जैसा कि उनके साथ हुआ है (नाकेबंदी के कारण उनके पास कोई जहाज़ नहीं हैं)—तो होता यह है कि वह लाइन अंदर से ही फट जाती है; यांत्रिक रूप से भी और ज़मीन के अंदर भी।"

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, "यह कुछ ऐसा है जिसमें बस धमाका हो जाता है। और उनका कहना है कि ऐसा होने से पहले उनके पास सिर्फ़ तीन दिन बचे हैं। और जब यह फट जाता है, तो आप इसे कभी भी—चाहे कुछ भी हो जाए—पहले जैसा दोबारा नहीं बना सकते।"

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरानी नेतृत्व बातचीत करने के लिए उनसे संपर्क कर सकता है। उन्होंने फॉक्स न्यूज़ से कहा, "अगर वे बात करना चाहते हैं, तो वे हमारे पास आ सकते हैं, या हमें फ़ोन कर सकते हैं। आप जानते हैं, फ़ोन मौजूद है। हमारे पास सुरक्षित लाइनें हैं।"

ट्रंप की यह टिप्पणी उस घटना के कुछ दिनों बाद आई है जब उन्होंने एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को वापस बुला लिया था। इस प्रतिनिधिमंडल में उनके दामाद जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ शामिल थे, जो ईरान के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान जा रहे थे। उनकी यात्रा तब रद्द कर दी गई थी, जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान का अपना दौरा पूरा किया था। इस दौरे के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़, उप-प्रधानमंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बैठकें की थीं।

शांति समझौते के हिस्से के तौर पर, अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दे और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोल दे; यह जलडमरूमध्य दुनिया के कुल तेल के पाँचवें हिस्से के परिवहन के लिए ज़िम्मेदार है। ईरान ने इन मांगों को "अतार्किक" बताया है और दावा किया है कि अमेरिका उस पर शांति संधि थोपने की कोशिश कर रहा है। ईरान ने होर्मुज़ पर अपना नियंत्रण भी और कड़ा कर दिया है, जिसके जवाब में ट्रंप ने इस मध्य-पूर्वी देश की नाकेबंदी की घोषणा की है।

ईरान वर्तमान में रूस और पाकिस्तान जैसे देशों के साथ संपर्क में है, जबकि अमेरिका अपनी 'मैक्सिमम प्रेशर' (अधिकतम दबाव) की नीति पर कायम है। यदि ट्रंप की चेतावनी के अनुसार ईरान का तेल इंफ्रास्ट्रक्चर वास्तव में संकट में है, तो आने वाले तीन दिन वैश्विक ऊर्जा बाजार और मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए निर्णायक साबित होंगे। 

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