सीनेट में जाने से पहले हो मेटल डिटेक्टर से चेकिंग, भरी सभा में 'अब्दुल' का जिक्र कर ट्रंप ने उड़ाया मजाक, कहा- मोहम्मद...

By अभिनय आकाश | Oct 28, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिशिगन के सीनेट चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद को सीधे निशाने पर ले लिया है। मिशिगन के पोर्ट ह्यूरन स्थित मैकमोरन प्लेस एरिना में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने न केवल अब्दुल अल-सईद के नाम का मजाक उड़ाया, बल्कि उनके खिलाफ एक अजीबोगरीब सुरक्षा मांग भी रख दी। ट्रंप ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यदि अल-सईद चुनाव जीतते हैं, तो उन्हें अमेरिकी सीनेट में प्रवेश देने से पहले मेटल डिटेक्टर से अनिवार्य जांच करानी चाहिए। इसके साथ ही ट्रंप ने अल-सईद की पृष्ठभूमि पर सवाल खड़े किए और बिना किसी सबूत के उन पर चरमपंथी संगठनों से जुड़े होने के गंभीर आरोप लगाए। अब्दुल अल-सईद पेशे से एक डॉक्टर, जाने-माने महामारी विशेषज्ञ और डेट्रायट के पूर्व स्वास्थ्य निदेशक हैं। वह इस चुनाव में जीतकर अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले मुस्लिम सदस्य बनने की दौड़ में शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: नेतन्याहू के हारते ही ईरान में तबाही, इजरायल का क्या है सीक्रेट प्लान?
अल-सैयद के अभियान ने टिप्पणियों की निंदा की


अल-सैयद के अभियान ने ट्रम्प की टिप्पणियों की निंदा करते हुए उन्हें 'इस्लामोफोबिक' (इस्लाम-विरोधी) हमले बताया। अभियान का कहना है कि इन टिप्पणियों का मकसद मतदाताओं का ध्यान बढ़ती महंगाई और कामकाजी परिवारों पर पड़ रहे आर्थिक दबाव जैसे मुद्दों से हटाना है। अभियान ने उम्मीदवार के धर्म और पहचान को उनकी वफादारी या सार्वजनिक पद के लिए उनकी उपयुक्तता से जोड़ने की कोशिशों का कड़ा विरोध किया। ट्रम्प की टिप्पणियों के जवाब में अभियान की ओर से कहा गया, मिशिगन में कामकाजी परिवार जो बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं, उसकी वजह मेरा धर्म या मेरा नाम नहीं है। मिशिगन में जन्मे अल-सैयद ने चिकित्सा और जन स्वास्थ्य (पब्लिक हेल्थ) के क्षेत्र में अपना करियर बनाया है। उनके अभियान का तर्क है कि मतदाताओं को उन्हें उनके धार्मिक बैकग्राउंड के बजाय उनकी नीतियों और उनके अब तक के कामकाज के आधार पर परखना चाहिए। 

इसे भी पढ़ें: हार का डर या नई चाल? चुनाव से ठीक पहले ट्रंप का बड़ा ऐलान- सिर्फ ईमानदार नतीजे ही कबूल!
मिशिगन सीनेट की दौड़ ने राष्ट्रीय ध्यान खींचा


यह रैली ऐसे समय में हुई जब मिशिगन का सीनेट चुनाव अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है, जहाँ अल-सैयद का मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व अमेरिकी कांग्रेस सदस्य माइक रोजर्स से है। इस कार्यक्रम में रोजर्स, ट्रम्प के साथ मौजूद थे। इस चुनावी दौड़ ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि सीनेट पर नियंत्रण के लिए कड़ा मुकाबला है, जिससे मिशिगन के नतीजे वाशिंगटन में सत्ता के संतुलन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। रोजर्स ने अपने प्रचार अभियान के दौरान आर्थिक मुद्दों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर दिया है। हालाँकि, इस रैली में ट्रम्प द्वारा अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी पर किए गए हमलों पर भी सबका ध्यान गया।

प्रमुख खबरें

HUL का दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ 2,796 करोड़ रुपये, 19 रुपये का Interim Dividend घोषित

आसियान रक्षा बैठक से इतर मिले राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ, जानें क्या हुई बात?

Asian Para Games स्वर्ण पदक विजेता Neeraj Yadav ने की खुदकुशी

भ्रष्टाचार जांच के बीच देश छोड़ US भागे Flavio Bolsonaro, बोले Lula- कुछ छिपा रहे हैं