By अभिनय आकाश | Sep 26, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक नक्शा शेयर किया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को "ट्रंप स्ट्रेट" (Trump Strait) का नाम दिया गया है। यह कदम ईरान के उस सात-दिवसीय फ्रेमवर्क प्रस्ताव को खारिज करने के बाद उठाया गया है, जिसका मकसद इस अहम समुद्री रास्ते को फिर से खोलना और परमाणु बातचीत को दोबारा शुरू करना था। 'द वाशिंगटन पोस्ट' के अनुसार, ट्रंप का कहना था कि ईरान कभी परमाणु बम हासिल नहीं कर पाएगा; उन्होंने तेहरान के उनकी शर्तों को मानने पर संदेह जताया और चेतावनी दी कि अमेरिका द्वारा फिर से बमबारी अभियान शुरू करने की प्रबल संभावना बनी हुई है। इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा था कि अगर वाशिंगटन तेहरान की शर्तों को मान ले, तो होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य समुद्री आवाजाही सात दिनों के भीतर बहाल की जा सकती है। प्रस्तावित शर्तों के तहत अमेरिका को ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटानी थी, ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाने थे और लेबनान में युद्धविराम का सम्मान करना था।
यह मानते हुए कि तेहरान के पास माइन्स (बारूदी सुरंगों) का इस्तेमाल करके समुद्री यातायात में बाधा डालने की क्षमता है, उन्होंने कहा कि अमेरिका की नाकेबंदी सफल रही है। वॉशिंगटन के साथ चल रहे तनाव में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बहुत अहम है। 'द वॉशिंगटन पोस्ट' के अनुसार, युद्ध से पहले दुनिया भर में व्यापार होने वाले तेल और गैस का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रणनीतिक जलमार्ग से होकर गुजरता था। शिपिंग में लगातार आ रही रुकावटों ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर असर डाला है और अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है।