8 महीने की मेहनत से स्वर्ण तक, Sunil Kumar ने बताया कैसे तैयार हुई भारत की चैंपियन टीम

Indian kabaddi team
ANI
एकता । Sep 26 2026 6:50PM

एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने ईरान को हराकर अपने-अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। पुरुष टीम ने फाइनल में ईरान को 40-34 से हराकर नौवां एशियाई स्वर्ण पदक जीता। वहीं, महिला टीम ने भी ईरान को 37-34 से मात देकर अपना चौथा स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

एशियाई खेलों की कबड्डी प्रतियोगिता में भारत का दबदबा एक बार फिर देखने को मिला। शनिवार को खेले गए खिताबी मुकाबलों में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने ईरान को हराकर अपने-अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। पुरुष टीम ने ईरान को 40-34 से हराया, जबकि महिला टीम ने रोमांचक मुकाबले में 37-34 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष टीम ने एशियाई खेलों में अपना नौवां स्वर्ण पदक जीता, जबकि महिला टीम का यह चौथा स्वर्ण पदक है।

पुरुष टीम ने फिर रचा इतिहास

भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 40-34 से मात दी। जीत के बाद टीम के कप्तान सुनील कुमार ने अपनी खुशी जाहिर की और कहा कि टीम को शुरू से ही भरोसा था कि वह स्वर्ण पदक जीतेगी।

सुनील कुमार ने कहा, "मैंने स्वर्ण पदक जीता और मैं बेहद खुश हूं। मेरे दिमाग में सिर्फ यही था कि हमें जीतना है। हमारी टीम सबसे अच्छी है। हमने आठ महीने तक तैयारी की थी, इसलिए उस मेहनत का नतीजा मिलना ही था।"

उन्होंने एशियाई खेलों के पदक को कबड्डी खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। सुनील कुमार ने कहा, "एशियाई खेलों का पदक सबसे बड़ी उपलब्धि है। इससे बड़ी हमारे लिए कोई प्रतियोगिता नहीं है, क्योंकि कबड्डी अभी तक ओलंपिक में शामिल नहीं है। हम चाहते हैं कि इसे ओलंपिक में शामिल किया जाए, लेकिन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना हर चीज से ऊपर है।"

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स्वर्ण पदक अपने कोच को किया समर्पित

सुनील कुमार ने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच को भी दिया। उन्होंने कहा, "मैं यह स्वर्ण पदक अपने कोच को समर्पित करता हूं, जिन्होंने मुझे बचपन से कबड्डी सिखाई है।"

उन्होंने बताया कि भारत में खिलाड़ियों को लगातार कबड्डी खेलने के मौके मिलते रहते हैं। उनके मुताबिक, सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अलावा हरियाणा में रोजाना और स्थानीय स्तर पर भी कई टूर्नामेंट होते हैं। उन्होंने मुंबई में होने वाली कई प्रतियोगिताओं का भी जिक्र किया।

ईरान को लेकर सुनील कुमार ने क्या कहा?

सुनील कुमार ने ईरान की टीम और कबड्डी के वहां पहुंचने को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "उनकी कोई असली प्रतियोगिता नहीं है। उन्होंने कबड्डी प्रो कबड्डी लीग के जरिए सीखी है। प्रो कबड्डी लीग से पहले उन्होंने एक भी मैच नहीं खेला था।"

उन्होंने आगे कहा, "उन्हें प्रो कबड्डी लीग से फायदा मिला और उन्होंने भारत से यह खेल सीखा।" हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि जब महासंघ सैकड़ों हजारों खिलाड़ियों में से सिर्फ 12 खिलाड़ियों पर भरोसा जताकर उन्हें टीम में चुनता है, तो दबाव बढ़ जाता है।

सुनील कुमार ने कहा, "जब महासंघ हम पर भरोसा करता है और सैकड़ों हजारों खिलाड़ियों में से सिर्फ 12 खिलाड़ियों का चयन करता है, तो इससे दबाव जरूर बढ़ता है। हालांकि, हमारे पास एक मजबूत टीम थी। हमें भरोसा था कि हम ऐसा कर सकते हैं और हमने करके दिखाया।"

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महिला टीम ने भी बचाया स्वर्ण

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने भी फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर अपना स्वर्ण पदक बचा लिया। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, लेकिन भारतीय टीम ने आखिरकार तीन अंकों के अंतर से जीत दर्ज की। इस तरह एशियाई खेलों की कबड्डी प्रतियोगिता में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में भारत ने अपना खिताब बरकरार रखा।

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