By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 10, 2026
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 10 अक्टूबर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उनके नाम पर विचार नहीं किए जाने को लेकर नॉर्वे पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि उन्होंने जितने युद्ध रुकवाए हैं, उसके हिसाब से उन्हें आठ बार नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। ट्रंप ने शुक्रवार को सिरैक्यूज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह भी दावा किया कि उन्होंने परमाणु शक्ति संपन्न देशों भारत और पाकिस्तान को युद्ध में उलझने से रोककर करोड़ों लोगों की जान बचाई। ट्रंप ने कहा, ‘‘आपके राष्ट्रपति के रूप में मैंने जिस अमेरिका का नेतृत्व किया, उसे नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
ट्रंप ने पिल्लई के बारे में कहा कि वह ऐसी शख्सियत हैं, ‘‘जिनके बारे में किसी ने कभी सुना तक नहीं है।’’ ट्रंप ने कहा, ‘‘आज (शुक्रवार) संयुक्त राष्ट्र में काम करने वाली एक उदारवादी महिला को नोबेल पुरस्कार दे दिया गया, जिनके बारे में किसी ने कभी नहीं सुना। मैंने भी उनके बारे में कभी नहीं सुना, लेकिन फिर भी उन्हें बधाई।’’ इसके बाद ट्रंप ने उन युद्धों की सूची गिनाई, जिन्हें सुलझाने का उन्होंने दावा किया। उन्होंने कहा कि वह दो और संघर्षों- ईरान तथा रूस-यूक्रेन युद्ध- को समाप्त कराने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
ट्रंप ने कहा, ‘‘नॉर्वे, हम यह कभी नहीं भूलेंगे कि आपने इतिहास में हमारे इतने अच्छे रिकॉर्ड के बावजूद हमें यह पुरस्कार नहीं दिया। हमने आठ युद्ध रुकवाए। हमें हर युद्ध के लिए एक नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए था, यानी कुल आठ पुरस्कार।
लेकिन आपने अमेरिका को नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, मैंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका। इससे पूरे पश्चिम एशिया और उसके बाहर के क्षेत्रों को तबाह होने से बचाया।’’ ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने इतिहास में किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में अधिक लोगों की जान बचाई है। अब तक अमेरिका के चार राष्ट्रपति- थियोडोर रूजवेल्ट, वुडरो विल्सन, जिमी कार्टर और बराक ओबामा- नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं।
ओबामा को 2009 में राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले ही वर्ष में यह सम्मान मिला था। ओबामा को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने को लेकर ट्रंप अक्सर नाराजगी जताते रहे हैं। वह कई बार कह चुके हैं कि ओबामा को ‘‘बिना कुछ किए ही पुरस्कार मिल गया था।