Iran War के बीच US-UK की दोस्ती में आई दरार, Trump ने पीएम स्टॉर्मर को कहा- अब तुम्हारी मदद नहीं चाहिए

By एकता | Mar 08, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए साफ कर दिया है कि मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ चल रहे युद्ध के लिए उन्हें अब यूनाइटेड किंगडम के एयरक्राफ्ट कैरियर की मदद नहीं चाहिए।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा, 'कोई बात नहीं, प्राइम मिनिस्टर स्टारमर, हमें अब उनकी जरूरत नहीं है, लेकिन हम याद रखेंगे। हमें ऐसे लोगों की ज़रूरत नहीं है जो हमारे जीतने के बाद युद्ध में शामिल हों।'

ब्रिटेन-अमेरिका की दोस्ती में दरार

यह तल्खी पिछले साल ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से लगातार बढ़ रही है। ट्रंप ने हाल ही में जर्मन चांसलर के साथ मीटिंग के दौरान भी कहा था कि वह ब्रिटेन से खुश नहीं हैं। उन्होंने ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर की तुलना विंस्टन चर्चिल से करते हुए उन पर निशाना साधा और कहा कि वह चर्चिल जैसे नेता नहीं हैं। दोनों देशों के बीच डिएगो गार्सिया मिलिट्री बेस और चागोस आइलैंड्स को लेकर भी पुराने मतभेद हैं, जिन्हें ट्रंप बेवकूफी भरा फैसला बता चुके हैं।

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ब्रिटेन में बढ़ता विरोध

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही इस जंग ने पूरे इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया है। इस युद्ध में अब तक ईरान में 1,300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और अमेरिका ने भी अपने 6 सैनिकों की मौत की पुष्टि की है। ब्रिटेन में भी इस युद्ध को लेकर आम जनता में काफी गुस्सा है। लंदन में हजारों लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और सर्वे के मुताबिक, 56 प्रतिशत ब्रिटिश लोग इस पक्ष में थे कि अमेरिका को ब्रिटेन के मिलिट्री बेस इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए थी।

पीएम स्टारमर की सफाई

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर इस समय घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरफ से दबाव में हैं। उन्होंने संसद में स्पष्ट किया कि ब्रिटेन सीधे तौर पर अमेरिकी और इजरायली हमलों में शामिल नहीं हो रहा है। हालांकि, ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने कुछ मिलिट्री बेस इस्तेमाल करने की परमिशन दी है, जिसे उन्होंने बचाव के लिए उठाया गया कदम बताया है। उन्होंने फ्रांस और जर्मनी के साथ मिलकर एक बयान भी जारी किया है कि वे केवल अपने हितों की रक्षा के लिए ही कदम उठाएंगे।

पीएम कीर स्टारमर ने कहा, 'हम यूएस और इजरायली हमलों में शामिल नहीं हो रहे हैं। हम ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित और ब्रिटिश लोगों की जान की रक्षा करेंगे।'

यूरोपीय देशों ने एक साझा बयान में कहा, 'हम अपने और इस इलाके में अपने साथियों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाएंगे... हम इस मामले पर यूएस और इस इलाके में साथियों के साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं।'

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अमेरिका बदल रहा है अपने पुराने साथी?

ट्रंप प्रशासन अब अपने पुराने यूरोपीय साथियों के बजाय उन देशों की ओर झुक रहा है जो राजनीतिक रूप से उनके ज्यादा करीब हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी एक समिट में संकेत दिया कि जब जरूरत होती है, तो अक्सर पुराने साथी साथ नहीं देते। इस बीच, इजरायल और अमेरिका लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं, जिससे लेबनान, कुवैत और इराक जैसे देशों में भी तनाव और मौतें बढ़ रही हैं।

मार्को रुबियो ने कहा, 'ऐसे समय में जब हमने सीखा है कि, अक्सर, जब आपको किसी साथी की जरूरत होती है, तो वह शायद आपके लिए मौजूद न हो, ये ऐसे देश हैं जो हमारे लिए मौजूद रहे हैं।'

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