हार का डर या नई चाल? चुनाव से ठीक पहले ट्रंप का बड़ा ऐलान- सिर्फ ईमानदार नतीजे ही कबूल!

By अभिनय आकाश | Oct 28, 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे अगले सप्ताह होने वाले मध्यावधि चुनावों के परिणामों का सम्मान तभी करेंगे जब वे ईमानदार होंगे। इससे यह आशंका फिर से बढ़ गई है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में हार का सामना करना पड़ता है तो वे परिणामों को चुनौती दे सकते हैं। ट्रंप ने ये टिप्पणियां मंगलवार को वाशिंगटन के पास स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज में टेक्सास में चुनावी दौरे पर जाने से पहले कीं। उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब जनमत सर्वेक्षण रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक कठिन मुकाबले का संकेत दे रहे हैं, जो मुद्रास्फीति और बढ़ती ऊर्जा कीमतों को लेकर मतदाताओं की चिंताओं के बीच कांग्रेस में अपना बहुमत खोने के खतरे में है। जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या वे परिणाम स्वीकार करेंगे, तो उन्होंने कहा मैं तभी स्वीकार करूंगा जब चुनाव ईमानदार होंगे।

इसे भी पढ़ें: नेतन्याहू के हारते ही ईरान में तबाही, इजरायल का क्या है सीक्रेट प्लान?
ट्रंप ने मतदाता धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर जारी की चेतावनी 


ट्रंप बार-बार दावा करते रहे हैं कि अमेरिकी चुनाव व्यापक धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं। हाल के दिनों में, उन्होंने अपनी चेतावनियों को और भी कड़ा कर दिया है, जिससे डेमोक्रेट्स की आलोचना हो रही है। डेमोक्रेट्स को डर है कि राष्ट्रपति ऐसे दावों का इस्तेमाल प्रतिकूल परिणाम पर सवाल उठाने के लिए कर सकते हैं। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में मिनेसोटा के बहुचर्चित सीनेट चुनाव का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने मतदाताओं से रिपब्लिकन उम्मीदवार मिशेल टैफोया का समर्थन करने का आग्रह किया और मतदान समाप्त होने के बाद मतपत्रों में कथित हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी दी। ट्रंप ने कहा कि संघीय सरकार चुनाव पर कड़ी निगरानी रखेगी और दावा किया कि उनके पसंदीदा उम्मीदवार की हार केवल तभी हो सकती है जब चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर किया गया हो। इन टिप्पणियों पर मिनेसोटा की डेमोक्रेट सीनेटर टीना स्मिथ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और राष्ट्रपति पर आरोप लगाया कि यदि उनके उम्मीदवार चुनाव नहीं जीतते हैं तो वे परिणाम को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: Iran ने नहीं की क्षतिग्रस्त परमाणु केंद्रों की मरम्मत, IAEA प्रमुख Rafael Grossi का दावा
अलास्का सीनेट चुनाव से कानूनी विवाद शुरू


अलास्का में भी चुनाव की निष्पक्षता को लेकर चिंताएं उभर आई हैं, जहां अमेरिकी न्याय विभाग ने राज्य के सीनेट चुनाव से संबंधित एक मुकदमा दायर किया है। विभाग का तर्क है कि मतपत्र पर डैन जे. सुलिवन नाम के एक अन्य उम्मीदवार की उपस्थिति मतदाताओं को भ्रमित कर सकती है और रिपब्लिकन सीनेटर डैन सुलिवन के पुन: चुनाव की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है। अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में इस कानूनी कार्रवाई का बचाव करते हुए तर्क दिया कि मिलते-जुलते नामों के कारण मतदाता गलती से गलत उम्मीदवार का चयन कर सकते हैं। ब्लैंच ने कहा कि चिंता इस बात की है कि अलास्का के लोग भ्रमित हो सकते हैं और उनके वोट उनकी वास्तविक मंशा को प्रतिबिंबित नहीं कर सकते हैं।

प्रमुख खबरें

भ्रष्टाचार जांच के बीच देश छोड़ US भागे Flavio Bolsonaro, बोले Lula- कुछ छिपा रहे हैं

Jamia Millia Islamia में छात्र संघ चुनाव पर गतिरोध, 17वें दिन भी धरना जारी

कर्नाटक MLC चुनाव में Congress को झटका, JD(S) और BJP ने शिक्षक व स्नातक की सभी सीटें जीतीं

Asian Champions Trophy में Team India ने Bangladesh को 13-0 से रौंदकर किया जीत से आगाज