By अभिनय आकाश | Aug 06, 2022
चीन ताइवान के बीच 73 साल पुराना विवाद रूस यूक्रेन युद्ध के बीच एक बार फिर से गर्मा गया है। वहीं अमेरिका ने इस आग में घी डालने का काम किया है। चीन की तमाम धमकियों के बावजूद हाल ही में अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ताइवान का दौरा किया। नैंसी के दौरे से बौखलाया चीन ताइवान को हमले की धमकी दे रहा है। ड्रैगन को अमेरिका का ताइवान की स्वतंत्रता के पक्ष में खुल कर समर्थन करना हजम नहीं हो रहा है। वहीं ताइवान ने ताइवान ने चीनी सेना पर शनिवार को अपने मुख्य द्वीप पर हमले का अनुकरण करने का आरोप लगाया है।
विश्लेषकों का कहना है कि बीजिंग ने शनिवार को ताइवान के आसपास अपने सबसे बड़े सैन्य अभ्यासों को कुछ और दिन जारी रख सकता है। अभ्यास का उद्देश्य नाकाबंदी और द्वीप पर अंतिम आक्रमण करना था। इस संबंध में ताइपे ने कहा कि उसने ताइवान जलडमरूमध्य में "कई" चीनी विमानों और जहाजों का संचालन देखा है। ताइवान का मानना है कि वे स्व-शासित लोकतंत्र के मुख्य द्वीप पर हमले की नकल कर रहे हैं।