हवाई सीमा उल्लंघन को लेकर भारत और चीन के बीच हुई विशेष वार्ता, IAF ने खदेड़ा था चीनी विमान

LAC
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पूर्वी लद्दाख में एलएसी के करीब चीनी लड़ाकू विमानों के उड़ान भरने के एक महीने बाद सैन्य स्तरीय विशेष वार्ता हुई। चीनी लड़ाकू विमान के एलएसी के करीब उड़ान भरने के बाद भारतीय वायुसेना ने भी जेट विमानों को उड़ाया था। भारतीय और चीनी वायुसेना के बीच टकराव जून के अंतिम सप्ताह में शुरू हुआ था।

नयी दिल्ली। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख स्थित चुशुल-मोल्दो में सैन्य स्तरीय विशेष वार्ता हुई। जिसमें भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के करीब चीनी लड़ाकू विमानों द्वारा किए गए हवाई सीमा के उल्लंघन पर सख्त ऐतराज जताया। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 2 अगस्त को सैन्य स्तरीय विशेष वार्ता के दौरान भारत ने चीन के सामने अपनी चिंता रखी।

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सूत्रों ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में चुशुल-मोल्दो सीमा बिंदु पर हुई बातचीत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने एलएसी के दोनों तरफ 10 किमी तक उड़ान गतिविधियां नहीं करने पर जोर दिया। सूत्रों ने बताया कि एयर कमोडोर और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की भारतीय टीम ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए विश्वास बहाली के उपायों पर ध्यान देने की जरूरत पर जोर दिया।

आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच विश्वास कायम रखने के उपायों के तौर पर एलएसी के 10 किमी के अंदर तक लड़ाकू विमान उड़ाने पर सहमति है, लेकिन चीनी लड़ाकू विमानों ने इसका उल्लंघन किया है।

IAF ने चीनी विमान को खदेड़ा

पूर्वी लद्दाख में एलएसी के करीब चीनी लड़ाकू विमानों के उड़ान भरने के एक महीने बाद सैन्य स्तरीय विशेष वार्ता हुई। चीनी लड़ाकू विमान के एलएसी के करीब उड़ान भरने के बाद भारतीय वायुसेना ने भी जेट विमानों को उड़ाया था। भारतीय और चीनी वायुसेना के बीच टकराव जून के अंतिम सप्ताह में शुरू हुआ था, जब एक चीनी जे-11 लड़ाकू विमान ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी के करीब उड़ान भरी, जिसके बाद भारतीय वायुसेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे खदेड़ दिया था।

वांग यी से मिले थे एस जयशंकर

इससे पहले भी इस तरह की घटनाओं की खबरें आई थीं। कोर कमांडर स्तर की वार्ता का अंतिम दौर पिछले महीने हुआ था, लेकिन यह कोई ठोस नतीजा हासिल करने में विफल रहा। विदेश मंत्री एस जयशंकर के बाली में अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात के 10 दिन बाद 16वें दौर की यह सैन्य वार्ता हुई। जी20 देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन से इतर एक घंटे की बैठक में एस जयशंकर ने वांग यी के सामने पूर्वी लद्दाख में सभी लंबित मुद्दों के जल्द समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।

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LAC पर तैनात हैं 50-60 हजार सैनिक

पैंगोंग झील क्षेत्रों में हिंसक झड़प के बाद 5 मई, 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा गतिरोध शुरू हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों ने धीरे-धीरे हजारों सैनिकों की तैनाती कर दी। हालांकि, सैन्य और कूटनीतिक वार्ता की एक श्रृंखला के परिणामस्वरूप दोनों पक्षों ने पिछले साल पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण तट और गोगरा क्षेत्र से सैन्य वापसी की प्रक्रिया पूरी की। लेकिन एलएसी पर भारत-चीन के अब भी 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात हैं।

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