By अनन्या मिश्रा | May 18, 2026
पूरी दुनिया में हर साल 18 मई को विश्व एड्स वैक्सीन दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन लाखों लोगों की उम्मीद से जुड़ा है, जो HIV/AIDS जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ लड़ रहे हैं। आज भी दुनियाभर में HIV संक्रमण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। लेकिन इलाज और दवाओं में काफी सुधार हुआ है। लेकिन अब तक इस बीमारी के लिए पूरी असरदार वैक्सीन नहीं बन पाई है। यही कारण है इस दिन का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इस मौके पर डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और हेल्थ वर्कर्स के प्रयासों को सम्मान दिया जाता है। इस दिन लोगों को HIV के प्रति जागरुक किया जाता है।
साल 1998 में पहली बार विश्व एड्स वैक्सीन दिवस मनाया गया था। इस दिन को मनाए जाने की शुरूआत हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन्स और HIV वैक्सीन रिसर्च से जुड़ी संस्थाओं द्वारा की गई थी। इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और वॉलंटियर्स का सम्मान करना था, जोकि HIV वैक्सीन की खोज लगातार मेहनत कर रहे हैं। यह दिन धीरे-धीरे पूरी दुनिया में जागरुकता अभियान का हिस्सा बन गया। वहीं कई देशों में अब इसको अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए मनाया जाता है।
हर साल इस खास मौके पर एक थीम रखी जाती है। इस बार 'Innovating Together: Building an HIV-Free Future' रखी गई है। इसका मतलब है कि मिलकर नई सोच और नई तकनीकों के जरिए HIV मुक्त दुनिया बनाने की दिशा में काम करना है।