बिहार की 75 लाख महिलाओं के सपनों को मिली उड़ान, PM मोदी-नीतीश ने शुरू की 'रोजगार क्रांति'

By प्रेस विज्ञप्ति | Sep 26, 2025

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों द्वारा आज 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' का शुभारंभ किया गया। 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' में आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जुड़े हुये थे। 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार' योजना के अंतर्गत राज्य की 75 लाख महिला लाभुकों को 10 हजार प्रति लाभुक की दर से 7500 करोड़ की राशि डी०बी०टी० के माध्यम से हस्तांतरित की गयी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'महिला रोजगार योजना' के अंतर्गत 75 लाख से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि भेजने का शुभारंभ आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द मोदी जी के कर कमलों के द्वारा किया गया। इस योजना का फायदा राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को दिया जाना है। जिनका रोजगार अच्छा चलेगा उन्हें आगे 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत शेष महिलाओं को लाभ देने के लिए अभी से ही तिथियाँ निर्धारित कर दी गयी है। अगली तिथि 3 अक्टूबर निर्धारित की गयी है। आगे भी जो महिलायें इस योजना से जुड़ेंगी उन्हें भी इसका लाभ दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सब जानते हैं कि पहले की सरकार ने कोई काम नहीं किया। पहले बहुत बुरा हाल था। जब 24 नवंबर, 2005 को एन०डी०ए० की सरकार बनी थी, तब से हमलोग बिहार के विकास में लगे हुये हैं और राज्य में कानून का राज है। सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है, चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, सभी काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुरू से ही हमारी सरकार में महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं एवं वर्ष 2007 में नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण से इसकी शुरूआत की गयी। वर्ष 2013 से पुलिस सेवा में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। वर्ष 2016 से महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या बहुत कम थी। वर्ष 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर राज्य में स्वयं सहायता समूह का गठन किया जिसे 'जीविका' नाम दिया। अब स्वयं सहायता समूह की संख्या लगभग 11 लाख हो गयी है, जिसमें जीविका दीदियों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख हो गयी है। वर्ष 2024 से शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूह का गठन हो रहा है जिनकी संख्या 37 हजार हो गयी है, जिसमें लगभग 3 लाख 85 हजार जीविका दीदियां जुड़ चुकी हैं, आगे भी गठन लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा बिहार के विकास में केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। 2024 के केन्द्रीय बजट में बिहार को विशेष आर्थिक सहायता के रूप में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी राशि देने की घोषणा की गयी। फिर 2025 के केन्द्रीय बजट में बिहार में मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट की स्थापना, पश्चिमी कोसी नहर के लिए वित्तीय सहायता आदि की घोषणा की गयी है। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2018 से देश के कुछ राज्यों में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन बिहार में हुआ, जो गौरव की बात है। इसके लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का नमन करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे विश्वास है कि सभी माताएं एवं बहनें आज दी जा रही राशि का सदुपयोग करेंगी, अपने परिवार को खुशहाल बनायेंगी और राज्य तथा देश के विकास में अपना योगदान देंगी। इस महत्वूपर्ण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का पुनः अभिनंदन करता हूँ और उन्हें धन्यवाद देता हूँ। साथ ही उपस्थित सभी गणमान्य लोगों का मैं आभार व्यक्त करता है।

इस अवसर पर 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' पर आधारित एक लघु फिल्म की प्रस्तुति की गई। इस अवसर पर 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की 4 लाभुकों ने अपना अनुभव साझा किया। पश्चिम चंपारण जिले के बगहा 2 प्रखंड के बेलाहवा पंचायत के मदनपुर की रंजीता काजी दीदी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का अभिवादन करते हुए कहा कि मैं वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के आदिवासी समाज से आती हूं। हमलोगों के लिए बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा जो कभी सपना था उसको राज्य सरकार द्वारा पूरा कर समाज की मुख्यधारा से हमलोगों को जोड़ा गया। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री भईया और मुख्यमंत्री भईया को कोटि-कोटि प्रणाम करती हूं। आपने महिलाओं को आरक्षण देकर संबल बनाया है। उज्ज्वला योजना के तहत घरेलू गैस कनेक्शन मिलने के बाद से धुआं रहित खाना बनाने में सहुलियत होती है। पहले कच्चा मकान था अब हमारा पक्का का मकान हो गया है। 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिल रही है, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि 400 से बढ़ाकर 1100 रुपया कर दी गई है, इसका लाभ मिल रहा है। आज जो 10 हजार की राशि आयी है उससे मैं पंपिंग सेट लूंगी, इसके बाद जो 2 लाख रुपया की राशि मिलेगी उससे ज्वार-बाजरा की खेती कर उसके आटा की पैकिंग कर रोजगार को आगे बढ़ाउंगी।

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भोजपुर जिले के कोइलवर प्रखंड के दौलतपुर पंचायत के मोहम्मदपुर गांव की रीता देवी दीदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2015 में जीविका समूह से जुड़ने के बाद हमारे जीवन में बड़ा बदलाव आया। पहले हमारे पति श्री कमल किशोर प्रसाद फोटो बनाने का काम करते थे। इस काम से परिवार का जीविकोपार्जन बड़ी मुश्किल से चलता था। फिर हमने जीविका समूह से जुड़कर सबसे पहले 25000 रु० ऋण लिया और बकरी पालन एवं मुर्गी पालन का कार्य प्रारंभ किया। साथ ही, एक लिट्टी चोखा की दुकान की भी शुरुआत की। अब दोनों पति-पत्नी मिलकर काफी मेहनत कर इन व्यवसायों को आगे बढ़ा रहे हैं। 10 हजार की जो राशि आज मिली है, इससे 50 मुर्गी खरीदूंगी और अंडा के व्यवसाय को आगे बढ़ाउंगी और चुजा भी तैयार करूंगी। आगे 2 लाख रुपये मिलेगा तो पॉल्ट्री फॉर्म खोलूंगी। पहले मेरा परिवार आर्थिक तंगी का शिकार था। 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलने एवं सरकार

द्वारा अनेक योजनाओं के माध्यम से सहयोग करने का नतीजा है कि आज मैं लखपति और ड्रोन दीदी बन चुकी हूं। गया जिला के बोधगया प्रखंड के झिटकिया ग्राम की नूरजहां खातून दीदी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का अभिवादन करते हुए कहा कि जीविका से जुड़ने के बाद हमारे जीवन में अनेक सकारात्मक बदलाव आये हैं। जीविका समूह से ऋण लेकर हमने सिलाई का काम शुरु किया, परिवार की सहयता की, बच्चों को पढ़ाया तथा घर बनाया। जीविका परियोजना से सहयोग नहीं मिलता तो जीवन झोपड़ी में ही गुजर जाती। जीविका ने हमलोगों को एक अलग अपनी पहचान दी है। आज मिले 10 हजार रूपये से अपने रोजगार को आगे बढ़ाउंगी। 2 लाख मिलने पर बड़ा रोजगार करूंगी। बिजली मुफ्त होने से घर में खुशी लौट आयी है। हम पति-पत्नी सिलाई का काम करते हुए 10 लोगों को रोजगार दिए हैं इसको और आगे बढ़ाउंगी।

पूर्णिया जिला के भवानीपुर प्रखंड के भवानीपुर ग्राम की पुतुल देवी दीदी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का अभिवादन करते हुए कहा कि वर्ष 2018 से मिठाई की दुकान चला रही हूं। इसको बड़ा करने के उद्देश्य से जीविका समूह से 6 हजार रुपये का हमने ऋण लिया। पुनः वर्ष 2021 में 30 हजार रुपये का ऋण लिया। जिससे दुकान की स्थिति और थोड़ी अच्छी हुई। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत आज 10 हजार रुपये की राशि मिली है इससे व्यवसाय को और आगे बढ़ाउंगी। इसके बाद 2 लाख की रकम मिलेगी तो लड्डू और बतासे की जो दुकान है उसको मिठाई की दुकान बनाकर व्यवसाय को आगे बढ़ाउंगी। जीविका से हमारे परिवार के जीवन में आर्थिक संकट दूर हुई है। मेरी सासू मां को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि 400 से बढ़ाकर 1100 रुपया कर दिए जाने से काफी लाभमिल रहा है। ऊपर से 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलने से और ज्यादा फायदा हो गया है। सरकार द्वारा दिए जा रहे लाभ की वजह से घर परिवार की माली हालत तो सुधरी ही है आज मैं अपने बेटे को कटिहार से बी०टेक० करवा रही हूं। जबकि बेटी को पूर्णिया में रखकर बी०ए० की पढ़ाई करवा रही हूं। आज हमारा पूरा परिवार खुशहाली के पथ पर बढ़ चला है।

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