लद्दाख के पार्षद कोंचोक स्टैनज़िन का दावा, चीनी मौजूदगी के कारण नहीं चरा पा रहे मवेशी, ग्रामीणों को ही रही दिक्कत

By अनुराग गुप्ता | Sep 24, 2021

लद्दाख। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर भारत और चीन के बीच तनातनी का माहौल है। ऐसे में पहले की स्थिति को बहाल करने के लिए दोनों देशों के बीच में सैन्य स्तर की वार्ता चल रही है। इसी बीच लद्दाख के चुशुल गांव के एक पार्षद का बयान सामने आया। जिसमें उन्होंने कहा कि गोगरा क्षेत्र में चीन की बढ़ती उपस्थिति की वजह से ग्रामीणों को समस्या हो रही है। 

इसे भी पढ़ें: पाक और चीन से निपटने के लिए भारतीय सेना को मिलेगी 73000 अमेरिकी असॉल्ट राइफल, दाम को लेकर बातचीत जारी 

रिपोर्ट के मुताबिक सेना के अधिकारियों ने इस विषय पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। लेकिन 2 अप्रैल को केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने पार्षद से कहा था कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए मवेशी चराने वालों को कुछ वक्त के लिए इसे रोकना होगा।भारत और चीन के बीच गतिरोध बना हुआ है। गोगरा में भी दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गई थीं। आपको बता दें कि भारत-चीन के बीच की सीमा परिभाषित नहीं है। ऐसे में लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक हजारों किमी फैली हुई सीमा को वास्तविक नियंत्रण रेखा के तौर पर जाना जाता है। 

इसे भी पढ़ें: ड्रैगन का खूंखार प्लान! ताइवान, अरुणाचल और दक्षिणी चीन सागर पर कब्जे का देख रहा सपना 

गलवान में शहीद हुए थे 20 जवानपिछले साल 15 जून को गलवान घाटी में भारत और चीन के सेना के बीच में हिंसक झड़प हुई थी। जिसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। हालांकि इसमें चीन के सैनिक भी मारे गए थे। इसके बाद विवाद को समाप्त करने के लिए कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ता हो चुकी है। वहीं 31 जुलाई को हुई सैन्य स्तर की वार्ता में दोनों देश गोगरा से अपनी सेनाएं हटाने पर राजी हो गए थे।

प्रमुख खबरें

Raymond Lifestyle और Honda Cars के वित्तीय परिणामों में मिले-जुले रुझान

Umesh Patel: सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में सांसद को दो साल की सजा

Commonwealth Games 2022: ग्लास्गो में जैसमीन और प्रीति समेत चार मुक्केबाजों ने जीते स्वर्ण

Ayodhya राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच अंतिम चरण में, ट्रस्ट सदस्य का बयान