By अजय कुमार | Jun 03, 2024
आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 21 दिनों की अंतरिम जमानत के बाद पुनः तिहाड़ जेल में पहुंच गये हैं, लेकिन जेल से निकलते ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दो महीने का सीएम बताने वाला उनका बयान आज भी चर्चा में है। चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल लगातार कहते रहे कि मोदी चुनाव के बाद योगी को हटा देंगे, लेकिन जमीनी हकीकत से अरविंद भी अनभिज्ञ नहीं थे। वह जानते थे कि आज की तारीख में योगी का यूपी में कोई विकल्प नहीं है और मोदी भी योगी को पसंद करते हैं। इसीलिये मोदी अक्सर कहते रहते हैं कि यूपी प्लास योगी बहुत है उपयोगी। यह बात चुनाव में भी साफ दिखाई दी। यूपी की 80 लोकसभा सीटों पर प्रचार के दौरान मोदी और योगी की जोड़ी एक बार फिर सुपरहिट साबित हुई है। लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों नेताओं के बीच आपसी केमेस्ट्री काफी मजबूत दिखी, जिसकी वजह से यूपी में इंडी गठबंधन के बीजेपी काफी आगे दिखाई दे रही है।
बात योगी के मोदी को दोबारा पीएम बनाने के प्रयासों की कि जाये तो बीते योगी ने दो माह में यूपी के सभी 80 सीटों पर प्रचार किया। इनमें से कई सीटों पर तो योगी दो से तीन बार चुनाव प्रचार करने पहुंचे। वहीं इसके अलावा कुल 12 राज्य और दो केंद्र शासित प्रदेशों में योगी ने जनसभाएं करके प्रधानमंत्री के पक्ष में मतदान की अपील की। इसके साथ ही प्रदेश में प्रधानमंत्री के साथ हर बड़े मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ साए की तरह साथ रहे। प्रधानमंत्री के साथ योगी की पहली जनसभा 31 मार्च को मेरठ में और अंतिम 26 मई को रॉबर्टगंज में हुई थी। इस बीच दोनों नेता सहारनपुर, पीलीभीत, अमरोहा, अलीगढ, आगरा, इटावा, लालगंज, बाराबंकी, बस्ती, गाजीपुर, मिर्जापुर, रॉबर्टगंज में भी साथ-साथ दिखे। इसी तरह से गाजियाबाद, बरेली, कानपुर, अयोध्या और वाराणसी में रोड शो के दौरान भी दोनों नेता साथ-साथ नजर आये। जनसभाएं ही नहीं, मंदिरों में दर्शन-पूजन से लेकर पीएम के नामांकन में भी योगी प्रधानमंत्री के साथ साथ दिखे।