भगवान श्रीकृष्ण से गहरा नाता रखने वाले द्वारका शहर में घूमने के लिए है बहुत कुछ

By प्रीटी | Sep 22, 2021

गुजरात के पश्चिमी सागर के तट पर स्थित द्वारका को वैसे तो एक तीर्थ माना जाता है लेकिन अपनी ऐतिहासिकता, कलात्मकता, भवनों और प्रकृति की रमणीयता के कारण यह देश का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है। पौराणिक युग में इसे कुशस्थली और द्वारवती नामों से भी जाना जाता था। द्वारका प्राचीन भारत की सात प्रसिद्ध पुरियों में से एक है।

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश की बेहद खूबसूरत जगह है भेड़ाघाट, जानिए इसके बारे में

द्वारका की विशेषताएँ

यहां उत्कृष्ट वास्तुकला को उजागर करतीं हुई अनेक इमारतें हैं। आदि शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, नरसी मेहता, मीरा, कबीर, नानक आदि यहां आने वाले प्रसिद्ध सैलानी हैं। द्वारका अपने द्वारकाधीश मंदिर के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। इसे जगत मंदिर भी कहते हैं। पारम्परिक शैली में निर्मित यह मंदिर पांच मंजिला है। भूतल से लेकर शिखर तक मंदिर के हर भाग को बखूबी तराशा गया है। यहां भगवान कृष्ण का जन्मदिवस बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

देशभर में चार स्थानों पर आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित किए गए मठों में से एक शारदा पीठ भी है। शारदा पीठ शैक्षिक सोसाइटी, आट्र्स कालेज और संस्कृत अकादमी का संचालन करती है यहां संस्कृत और इंडोलाजी में शोध की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

विश्व प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग द्वारका में है, जिसे नागेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। भक्तजनों के लिए यह ज्योतिर्लिंग कितना महत्व रखता है इसका आभास यहां होने वाली भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र के लवासा घूमने के बाद पूरा हो जाएगा आपका इटली घूमने का सपना

भगवान श्रीकृष्ण से गहरा नाता

द्वारका नगर से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित बेट द्वारका को बेट शंखोद्धार भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान कृष्ण यहीं अपने परिवार के साथ रहते थे। बेट द्वारका के लिए द्वारका से ओखा तक लगभग 30 किलोमीटर की दूरी रेल या बस से तय की जा सकती है। उसके बाद करीब 5 किलोमीटर की समुद्री यात्रा बोट द्वारा तय की जा सकती है। पर्यटकों के लिए यह एक रोमांचक अनुभव रहता है। बेट द्वारका में बना भगवान कृष्ण का मंदिर एक पुराना घर मात्र है लेकिन इसकी मान्यता बहुत है।

द्वारका के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल

द्वारका के अन्य दर्शनीय स्थलों में रूक्मिणी मंदिर, लक्ष्मी मंदिर, मीरा बाई मंदिर, नरसी मेहता मंदिर आदि प्रमुख हैं। द्वारका वीरमगाम से ओखा जाने वाली मीटरगेज रेलवे लाइन पर स्थित है। राजकोट, जामनगर और अहमदाबाद से यहां के लिए रेल सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। स्टेट हाइवे द्वारा द्वारका गुजरात व देश के अन्य भागों से जुड़ा हुआ है। गुजरात राज्य परिवहन निगम की बसें और निजी टैक्सियां आदि राज्य के विभिन्न भागों से द्वारका जाती हैं। सामान्यतः द्वारका पर्यटन के लिए मध्य सितंबर से मध्य मई तक का मौसम अनुकूल रहता है। यदि आप चाहें तो अहमदाबाद पर्यटन के दौरान द्वारका पर्यटन का कार्यक्रम भी बना सकते हैं।

-प्रीटी

प्रमुख खबरें

रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन पर बड़ा फैसला, वायु सेना ने 39.5 एकड़ जमीन L&DO को सौंपी

BSE Sensex में 2009 अंकों का जबर्दस्त उछाल, Nifty 24500 के पार बंद

दिलजीत से लेकर कैलाश खेर तक, 5 दिग्गजों की आवाज में आई Ramayana की Shree Hanuman Chalisa

Jitendra Singh के Foreign Funding दावों पर CJP का पलटवार, सबूत दिखाने की दी चुनौती