By अभिनय आकाश | Aug 21, 2026
दिल्ली 2047 के मास्टर प्लान (MPD-2047) में शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में कई बदलावों का प्रस्ताव दिया गया है। इनमें पीक आवर्स (सबसे ज़्यादा भीड़-भाड़ वाले समय) के दौरान पार्किंग का ज़्यादा शुल्क और दिल्ली BRTS (बस रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम) की वापसी की संभावना शामिल है। इस सिस्टम की पहले राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफ़िक की स्थिति खराब करने के लिए आलोचना हुई थी। हाल ही में जारी मास्टर प्लान में ज़्यादा ट्रैफ़िक और पार्किंग की भीड़-भाड़ वाले इलाकों में डायनामिक पार्किंग शुल्क का प्रस्ताव दिया गया है। साथ ही, इसमें कहा गया है कि एजेंसियां तय रूटों पर BRTS शुरू करने पर विचार कर सकती हैं। ये प्रस्ताव दिल्ली की निजी गाड़ियों पर निर्भरता कम करने और मौजूदा सड़क व पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल करने की कोशिश का हिस्सा हैं। इस प्लान में इलाके के हिसाब से पार्किंग मैनेजमेंट, सड़क पर होने वाली पार्किंग के लिए बेहतर नियम, मल्टी-लेवल पार्किंग और पैदल चलने, साइकिल चलाने व पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले उपाय शामिल हैं।
MPD-2047 प्लान में बाज़ार और कमर्शियल हब जैसी जगहों पर 'पार्किंग मैनेजमेंट एरिया' (PMA) बनाने का प्रस्ताव है, जहाँ गाड़ियों की ज़्यादा आवाजाही और पार्किंग की भीड़-भाड़ होती है। इन इलाकों के लिए, लोकल बॉडीज़ 'पार्किंग मैनेजमेंट एरिया प्लान' तैयार करेंगी, जिसमें पार्किंग की सुविधा, मांग का मैनेजमेंट, उपलब्ध पार्किंग का नियमन, नो-पार्किंग ज़ोन और डायनामिक पार्किंग चार्ज जैसी बातें शामिल होंगी। मुख्य प्रस्ताव यह है कि पार्किंग चार्ज इस बात पर निर्भर करने चाहिए कि कोई इलाका कितना व्यस्त है। डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि ट्रैफ़िक जाम वाले इलाकों में पब्लिक पार्किंग को ज़्यादा पार्किंग चार्ज लगाकर रेगुलेट किया जाना चाहिए ताकि लोग प्राइवेट गाड़ियों का इस्तेमाल कम करें"। इसमें यह भी बताया गया है कि "डायनामिक पार्किंग चार्ज को पीक टाइम और अलग-अलग इलाकों में गतिविधि या भीड़-भाड़ के लेवल से जोड़ा जाएगा।