By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 12, 2026
'वारिस पंजाब दे' के नेता और विधायक मनप्रीत सिंह ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ़ काम करने वाले कार्यकर्ता मोहनजीत सिंह को हिरासत में कथित तौर पर प्रताड़ित करने और संगरूर में दलित मज़दूर गुलज़ार सिंह की आत्महत्या के मामले में सख़्त कार्रवाई की मांग की। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को काले झंडे दिखाने के बाद मोहनजीत सिंह को हिरासत में पुलिस की बर्बरता का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ दिनों में संगरूर में ड्रग्स से जुड़ी घटनाएँ हुई हैं। एक घटना सरदार मोहनजीत सिंह द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को काले झंडे दिखाने की थी। तो, वही नेता जो चुनाव से पहले कहते थे कि 'अगर कोई नेता आपके गाँव आए, तो उनसे सवाल पूछो', आज सवाल पूछना तो दूर अगर कोई सिर्फ़ झंडा भी दिखा दे, तो देखिए पुलिस ने कैसे मोहनजीत सिंह को गिरफ़्तार किया और उन्हें प्रताड़ित किया।
इन विवादों के कारण पूरे पंजाब में बड़े पैमाने पर राजनीतिक आलोचना हो रही है। नशा-विरोधी कार्यकर्ता मोहनजीत सिंह को हिरासत में प्रताड़ित करने के आरोपों के चलते बढ़ते दबाव को देखते हुए, पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर तबादले किए हैं। पंजाब सरकार ने एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (DSP) का तबादला किया है और तीन पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन संगरूर भेज दिया है। शनिवार को जारी आदेशों के अनुसार, संगरूर के सुनाम सब-डिविजन में DSP के पद पर तैनात हरविंदर सिंह का प्रशासनिक आधार पर तबादला कर उन्हें पटियाला के बहादुरगढ़ स्थित पहली कमांडो बटालियन (CDO) में DSP के पद पर तैनात किया गया है।