यह कैसा कानून? बेटी के हाथों मां को दिलवाई गई फांसी की सजा, 13 साल बाद हुई थी मुलाकात

By निधि अविनाश | Aug 31, 2022

ईरान से लेकर सऊदी अरब, यहां के कड़े कानून हमेशा ही सुर्खियों में बने रहते है। हाल ही में एक ऐसा मामला ईरान से सामने आया है जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां एक महिला को उसकी ही बेटी के हाथों से फांसी की सजा दिलवाई है। जिस महिला को फांसी की सजा मिली है उस पर अपने पति की हत्या का आरोप लगा हुआ था और वो 13 सालों से जेल की सजा काट रही थी। साल 2009 में मरियम करीमी नाम की एक महिला ने अपने पति की हत्या कर दी थी। महिला के मुताबिक, उसका पति उस पर बहुत जुल्म करता था, उसे मारता-पीटता था। मरियम के पिता ने अपने दामाद को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन उसमें कोई बदलाव नहीं आया।

इसे भी पढ़ें: मिखाइल गोर्बाचेव जिनकी आंखों के सामने बिखरा सोवियत संघ, बिना रक्तपात के शीत युद्ध को करा दिया था समाप्त

ईरान वायर की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस मरियम को तख्ते पर चढ़ाई हुई थी और गले में फंदा डाल रखा था। कुर्सी पर मरियम खड़ी थी और उसी दौरान उसकी बेटी को कुर्सी पर लात मारने को कहा गया लेकिन बेटी तैयार नहीं हुई। जेल प्रशासन ने जबरन बेटी से कुर्सी पर लात मारने को कहा ताकि मरियम फंदे पर लटक जाए। मरियम की बेटी को पुलिस और प्रशासन के दबाव में वैसा ही करना पड़ा जैसा की उससे कहा गया था। मरियम की मौत के 4 महीने बाद उसे फांसी पर लटकाने की खबर सामने आई और इसके बाद ईरान में इन कानूनों को बदलने की मांग तेजी से बढ़ गई। ईरान के इस्लामिक कानून के मुताबिक हत्या के मामले में सरकार और प्रशासन की जगह मारे गए व्यक्ति के परिवार वालों को यह तय करने का अधिकार है कि कातिल को क्या सजा दी जाए।

इसमें सबसे बर्बर तरीका है किसास (qisas), इसे आंख के बदले आंख या खून का बदला खून कहा जाता है। इसके अलावा यहां ‘ब्लड मनी’ का भी कानून है। ब्लड मनी में मारे गए शख्स के परिवार वाले एक तय रकम कातिल से लेकर उसे माफ कर देते हैं। इसमें भी बेटी से ही सजा दिलाई गई लेकिन सवाल ये उठता है कि फांसी की सजा किसने तय की थी।

प्रमुख खबरें

Danam Nagender की विधायकी रद्द, Telangana High Court ने सुनाया फैसला

Pakistan Army को भारी नुकसान, Balochistan में BLA के हमलों में 43 जवानों के मारे जाने का दावा

Bab al-Mandeb में जहाजों की आवाजाही को खतरा, MEA ने Houthi हमलों को बताया अस्वीकार्य

Noel Tata के विरोध के बाद Tata Trusts ने N Chandrasekaran की नियुक्ति पर मांगी कानूनी राय