By अंकित सिंह | Jun 09, 2026
आंध्र प्रदेश सरकार ने इबोला वायरस को लेकर वैश्विक चिंताओं के मद्देनजर राज्य भर में एहतियाती उपायों को बढ़ा दिया है। विजयवाड़ा स्थित जीजीएच अस्पताल की डॉ. सुजाना ने बताया कि विदेश से आने वाले यात्रियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और गन्नावरम हवाई अड्डे पर उनकी जांच की जा रही है। पिछले 20 दिनों से सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए स्क्रीनिंग प्रक्रिया लागू है। सिंगापुर से आने वाले यात्रियों की सप्ताह में तीन बार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को स्क्रीनिंग की जाती है।
इबोला रोग बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के इबोला वायरस के संक्रमण से होने वाला एक वायरल रक्तस्रावी बुखार है। यह एक गंभीर बीमारी है जिसमें मृत्यु दर बहुत अधिक है। वर्तमान में, इस स्ट्रेन से होने वाले इबोला को रोकने या ठीक करने के लिए कोई टीका या विशिष्ट उपचार स्वीकृत नहीं है। केंद्र सरकार ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। कांगो और युगांडा में संक्रमण फैलने की खबरों के बाद, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 17 मई, 2026 को अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (आईएचआर), 2005 के तहत इस स्थिति को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किया।
अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में चल रहे बुंडीबुग्यो स्ट्रेन इबोला के प्रकोप को महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईसीएस) घोषित किया है। 22 मई को, डब्ल्यूएचओ आईएचआर आपातकालीन समिति ने प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी को मजबूत करने के लिए अस्थायी सिफारिशें जारी कीं ताकि बुंडीबुग्यो वायरस की पुष्टि वाले क्षेत्रों से आने वाले अज्ञात बुखार से पीड़ित यात्रियों का पता लगाया जा सके, उनका आकलन किया जा सके, रिपोर्ट किया जा सके और उनका प्रबंधन किया जा सके और बुंडीबुग्यो वायरस की पुष्टि वाले क्षेत्रों की यात्रा को हतोत्साहित किया जा सके।