By Ankit Jaiswal | Jul 24, 2026
जापान की मुद्रा येन में लगातार आ रही कमजोरी ने वहां की सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कतायामा ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि यदि हालात की मांग हुई तो सरकार विदेशी मुद्रा बाजार में बिना किसी देरी के उचित और निर्णायक कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। मौजूद जानकारी के अनुसार, सरकार पूरे सप्ताह यही संदेश दोहराती रही है ताकि बाजार को यह संकेत मिल सके कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
वित्त मंत्री सात्सुकी कतायामा ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब भी आवश्यकता होगी, सरकार विदेशी मुद्रा बाजार में उचित कार्रवाई करेगी और किसी भी फैसले में हिचकिचाएगी नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जापान और अमेरिका दोनों इस बात पर सहमत हैं कि विदेशी मुद्रा बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं होता है। उनके अनुसार दोनों देशों के अधिकारी लगातार संपर्क में रहते हैं और हर समय स्थिति की समीक्षा करते रहते हैं।
गौरतलब है कि अमेरिकी वित्त विभाग ने भी अपनी हालिया मुद्रा रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका और जापान के बीच ब्याज दरों का अंतर पहले की तुलना में कम होने के बावजूद येन लगातार कमजोर बना हुआ है। रिपोर्ट में विदेशी मुद्रा बाजार में अत्यधिक अस्थिरता को लेकर चिंता भी जताई गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने की आशंका फिर तेज हुई है। इसके चलते निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक भविष्य में ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकता है या उनमें और बदलाव कर सकता है। यही कारण है कि डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है और येन पर दबाव बढ़ रहा है।
अर्थशास्त्री मासातो कोइके का मानना है कि यदि जापान अकेले विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप भी करता है तो उसका असर सीमित रह सकता है, क्योंकि मौजूदा कमजोरी का मुख्य कारण डॉलर की मजबूती है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति भी बन सकती है जिसमें सरकार हस्तक्षेप न करे और येन में गिरावट आगे भी जारी रहे। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर जापान सरकार के अगले कदम और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर टिकी हुई हैं।