By रेनू तिवारी | Oct 13, 2025
ईडी ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत के गंभीर मामले में श्रीसन फार्मास्युटिकल्स और तमिलनाडु एफडीए के परिसरों पर छापे मारे। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई, क्योंकि डाइएथिलीन ग्लाइकॉल युक्त जहरीले सिरप ने 20 से अधिक बच्चों की जान ली, जो नियामक विफलता और आपराधिक लापरवाही पर गंभीर प्रश्न उठाता है।
सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चेन्नई में कम से कम सात परिसरों में की। मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोल्ड्रिफ दिए जाने के बाद कम से कम 20 बच्चों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर की उम्र पांच वर्ष से कम थी।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने कहा है कि तमिलनाडु खाद्य एवं औषधि प्रशासन (टीएनएफडीए) से 2011 में लाइसेंस प्राप्त कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा ने अपने खराब बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय औषधि सुरक्षा नियमों के कई उल्लंघनों के बावजूद एक दशक से अधिक समय तक परिचालन जारी रखा।
कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (डीईजी) नामक बेहद जहरीले पदार्थ की ‘खतरनाक’ स्तर की मिलावट पाई गई। श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक जी रंगनाथन को मध्य प्रदेश पुलिस ने नौ अक्टूबर को गिरफ्तार किया था।