ED ने मनीष मल्होत्रा, रितु कुमार समेत 3 फैशन डिजाइनरों को किया तलब, जानें क्या है पूरा मामला?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 23, 2021

नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब के एक कांग्रेस विधायक से जुड़े धनशोधन के मामले में देश के तीन शीर्ष फैशन डिजाइनरों-रितु कुमार, सब्यसाची मुखर्जी और मनीष मल्होत्रा को तलब किया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि डिजाइनरों को नोटिस भेजकर कहा गया है कि वे पूछताछ के लिए इस सप्ताह के अंत में दिल्ली में केंद्रीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश हों। तीनों से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका। सूत्रों ने बताया कि मामला पंजाब के कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा और उनके परिवार से संबंधित धनशोधन के मामले से जुड़ा है। आरोपी के खिलाफ मार्च में एजेंसी ने छापेमारी की थी।

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छापेमारी के समय खैरा आम आदमी पार्टी के बागी विधायक थे। वह हाल ही में कांग्रेस में फिर से शामिल हुए हैं। खैरा 2017 के विधानसभा चुनाव में पंजाब के कपूरथला जिले की भोलथ सीट से आम आदमी पार्टी के टिकट पर विजयी हुए थे। हालांकि, जनवरी 2019 में उन्होंने अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और अपनी खुद की पार्टी पंजाब एकता पार्टी बना ली थी। ईडी ने खैरा पर मादक पदार्थ मामले के दोषियों और फर्जी पासपोर्ट रैकेट में शामिल लोगों का ‘‘सहयोगी’’ होने का आरोप लगाया है। खैरा (56) ने आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि केंद्रीय एजेंसियां उन्हें इसलिए निशाना बना रही हैं क्योंकि वह केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों का विरोध करते रहे हैं। उनके खिलाफ मामला 2015 के फाजिल्का (पंजाब) मादक पदार्थ मामले से संबंधित है जिसमें सुरक्षा एजेंसियों ने एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्कर समूह से 1,800ग्राम हेरोइन, सोने के 24 बिस्कुट, दो हथियार, 26 कारतूस और दो पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद किए थे। सूत्रों ने कहा कि ईडी को पता चला है कि कथित तौर पर नकदी सहित कुछ भुगतान तीन डिजाइनरों को किया गया और इसीलिए एजेंसी लेन-देन के बारे में उनकी बात जानना चाहती है तथा उनके बयान दर्ज करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर भुगतान 2018-19में किया गया और यह खैरा से जुड़ा है। ईडी ने पंजाब पुलिस की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद खैरा और अन्य के खिलाफ धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने आरोप लगाया है, ‘‘मादक पदार्थ की तस्करी भारत-पाकिस्तान सीमा के जरिए की गई और गिरोह के सरगनाओं में से एक ब्रिटेन में है। खैरा अंतरराष्ट्रीय तस्करों के गिरोह की सक्रिय रूप से मदद कर रहे थे और अपराध से मिले लाभ का लुत्फ उठा रहे थे।

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