By अभिनय आकाश | Oct 28, 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तीन ऐसे अलग-अलग रास्तों का पता लगाया है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर एजेंटों द्वारा भारतीयों को 'डंकी रूट' के जरिए अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश कराने के लिए किया जाता था। यह जानकारी दिल्ली के एक टिकटिंग एजेंट की गिरफ्तारी के बाद सामने आई है, जो एक ऐसे नेटवर्क से जुड़ा था, जो इस यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 40 लाख रुपये तक वसूलता था। एजेंसी द्वारा पहचाने गए ये रास्ते दक्षिण और मध्य अमेरिका के कई देशों से होकर गुजरते हैं और अंत में अमेरिका-मेक्सिको सीमा तक पहुंचते हैं। यह जांच फरवरी 2025 में अमेरिका से 300 से अधिक भारतीय नागरिकों को वापस भेजे जाने (डिपोर्टेशन) से जुड़ी है। ये लोग कथित तौर पर मैक्सिको सीमा के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुए थे। पहले रास्ते में यात्री हवाई जहाज से अल साल्वाडोर जाते थे, फिर सड़क मार्ग से मैक्सिको और तिजुआना पहुंचते थे, और वहां से अमेरिका में घुसने की कोशिश करते थे।
एजेंसी ने बताया कि जांच से पता चला है कि अमेरिका जाने के इच्छुक लोगों को एजेंटों और बिचौलियों ने कानूनी तरीके से भेजने का झांसा दिया था। इसके बजाय, उन्हें दक्षिण और मध्य अमेरिका के खतरनाक और अवैध रास्तों से भेजा गया, जिसके लिए प्रति व्यक्ति 30 लाख से 60 लाख रुपये तक वसूले गए। आरोप है कि खोसला ने एक मुख्य सूत्रधार के रूप में काम किया। उसने पंजाब और हरियाणा के कई एजेंटों के साथ मिलकर काम किया, जो विदेश जाने के इच्छुक लोगों से पासपोर्ट और पैसे इकट्ठा करके उसे दिल्ली में सौंपते थे। आरोप है कि उसने गुयाना, सूरीनाम, इक्वाडोर और अल साल्वाडोर जैसे देशों के लिए वीजा और हवाई टिकट का इंतजाम किया, और यात्रियों को अमेरिका की सीमा की ओर भेजने का पूरा तालमेल बिठाया। एजेंसी ने बताया कि यात्रियों के लिए रास्ते तय करने और उनसे वसूली जाने वाली रकम तय करने में भी खोसला की अहम भूमिका थी।