By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 27, 2026
बीते सप्ताह सरकार द्वारा खाद्य तेलों का आयात शुल्क घटाने का व्यापक असर हुआ और अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम गिरावट दर्शाते बंद हुए। इस गिरावट का असर विशेष रूप से मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, पाम-पामोलीन तथा बिनौला की कीमतों में देखा गया। आयात शुल्क घटाये या बढ़ाये जाने का असर सरसों पर नहीं होता क्योंकि इसका कोई विकल्प नहीं है।
पहले सोयाबीन डीगम तेल लागत से 10-11 रुपये नीचे दाम पर बिक रहा था लेकिन आयात शुल्क घटाये जाने के बाद डीगम तेल अब लागत से 3-4 रुपये किलो नीचे दाम पर बेचा जा रहा है। यानी बैंकों के धन का नुकसान अब भी जारी है। आगामी त्योहारों के मद्देनजर, बीते सप्ताह सरकार ने खाद्य तेलों की उपलब्धता की स्थिति में सुधार लाने के मकसद से सूरजमुखी तेल के आयात शुल्क में सबसे अधिक कमी की।
इसे पहले के 16.5 प्रतिशत से घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया। इसी प्रकार, सोयाबीन डीगम पर आयात शुल्क को पहले के 16.5 प्रतिशत से घटाकर 11 प्रतिशत कर दिया। कच्चे पामतेल (सीपीओ) पर भी आयात शुल्क को पहले के 16.5 प्रतिशत से घटाकर 11 प्रतिशत कर दिया।
यानी कि सूरजमुखी तेल के आयात शुल्क में 14.80 रुपये प्रति किलो की कमी आई है। इसी प्रकार, सोयाबीन डीगम पर आयात शुल्क में 6.75 रुपये किलो और सीपीओ पर आयात शुल्क 6.50 रुपये किलो घटा है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन डीगम पर शुल्क घटाने का असर सोयाबीन दाना और लूज (तिलहन) के साथ-साथ सोयाबीन दिल्ली एवं सोयाबीन इंदौर तेल पर तो दिखा।
मगर सोयाबीन डीगम पर असर यह हुआ कि पहले के मुकाबले अब इसे लागत से कम दाम पर बेचा जा रहा है जिससे सुधार प्रतीत हो रहा है। सूत्रों ने कहा कि सूरजमुखी के आयात शुल्क में भारी कमी किये जाने के असर से बीते सप्ताह मूंगफली तेल में भी गिरावट आई है। इसी प्रकार पाम-पामोलीन के आयात शुल्क में 5.5 प्रतिशत की कमी किये जाने से बीते सप्ताह पाम-पामोलीन तेल में भी गिरावट आई।
उन्होंने कहा कि बिनौला की नई फसल की आवक और आयात शुल्क घटाये जाने के असर से बीते सप्ताह बिनौला तेल कीमतों में भी गिरावट दर्ज हुई। बीते सप्ताह सरसों दाना 100 रुपये के सुधार के साथ 8,250-8,300 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों तेल दादरी 250 रुपये के सुधार के साथ 16,700 रुपये प्रति क्विंटल तथा सरसों पक्की एवं कच्ची घानी तेल क्रमश: 40-40 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 2,725-2,825 रुपये और 2,725-2,875 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ। समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 100-200 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 5,950-6,000 रुपये और 5,700-5,800 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
इसी प्रकार, आयातकों की लागत से नीचे दाम पर बिकवाली की वजह से दिल्ली में सोयाबीन तेल 150 रुपये की गिरावट के साथ 15,150 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन इंदौर तेल 150 रुपये की गिरावट के साथ 14,950 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। दूसरी ओर, सोयाबीन डीगम तेल 450 रुपये सुधार के साथ 12,100 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सूरजमुखी तेल के आयात शुल्क में भारी कमी किये जाने के कारण बीते सप्ताह मूंगफली तिलहन का दाम 175 रुपये की गिरावट के साथ 7,550-8,000 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 500 रुपये की गिरावट के साथ 17,000 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 75 रुपये की गिरावट के साथ 2,680-2,980 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।
समीक्षाधीन सप्ताह में सीपीओ तेल का दाम 525 रुपये की गिरावट के साथ 13,450 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली 200 रुपये की गिरावट के साथ 15,500 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल 300 रुपये की गिरावट के साथ 14,200 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। नई फसल की आवक शुरू होने के कारण बीते सप्ताह बिनौला तेल का दाम 700 रुपये की गिरावट के साथ 15,000 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।