Crude Oil की कीमतों में बड़ी गिरावट का असर, Share Market में लौटी बहार, Sensex-Nifty भागे।

By Ankit Jaiswal | Mar 10, 2026

दो दिनों की लगातार गिरावट के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में राहत भरी तस्वीर देखने को मिली। कारोबार के दौरान निवेशकों की खरीदारी बढ़ने से बाजार में तेजी लौटी और प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए हैं।

वहीं पचास कंपनियों वाला व्यापक सूचकांक निफ्टी भी दो सौ से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ करीब 24 हजार दो सौ साठ के आसपास बंद हुआ है। बता दें कि पिछले दो कारोबारी सत्रों में बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि मंगलवार को हालात बदलते दिखाई दिए और निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस तेजी की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही है। मौजूद आंकड़ों के मुताबिक वैश्विक मानक माने जाने वाले ब्रेंट तेल की कीमत में लगभग नौ प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई और यह करीब नब्बे डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई।

गौरतलब है कि तेल की कीमतों में गिरावट से तेल आयात करने वाले देशों के लिए राहत की स्थिति बनती है। इससे महंगाई और आर्थिक दबाव को लेकर बाजार की चिंता कुछ कम हो जाती है।

इसी वजह से वैश्विक बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजारों में भी तेज उछाल देखने को मिला है। दक्षिण कोरिया और जापान के बाजारों में मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जबकि चीन और हांगकांग के बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए हैं।

यूरोप के बाजारों में भी कारोबार के दौरान तेजी देखी गई है। इससे वैश्विक निवेश माहौल बेहतर होने का संकेत मिला है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है।

विश्लेषकों का कहना है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार की चिंता कुछ हद तक कम हुई है। इससे निवेशकों के जोखिम लेने की क्षमता में भी सुधार हुआ है।

मौजूद जानकारी के अनुसार बाजार में तेजी के दौरान कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई है। वाहन, बैंकिंग और विमानन क्षेत्र से जुड़ी कुछ कंपनियों के शेयर प्रमुख रूप से बढ़त में रहे हैं। हालांकि कुछ कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का रुख सकारात्मक रहा है।

आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले कारोबारी सत्र में बड़ी मात्रा में शेयरों की बिकवाली की थी। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार में खरीदारी कर संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है।

फिलहाल निवेशक वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यही कारक बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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