राज्यों के साथ मिलकर पशुओं में ढेलेदार त्वचा रोग को नियंत्रित करने की कोशिश जारी: पीएम मोदी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 12, 2022

ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर मवेशियों में ढेलेदार त्वचा रोग को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। कई राज्य मवेशियों में ढेलेदार त्वचा रोग (एलएसडी) से जूझ रहे हैं और यह बीमारी डेयरी क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बनकर उभरी है। गुजरात, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा सहित आठ से अधिक राज्यों में एलएसडी के कारण हजारों मवेशियों की मौत हो चुकी है।

इसे भी पढ़ें: ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस सुनने के लायक, हिंदू पक्ष के हक में वाराणसी जिला कोर्ट का फैसला

मोदी ने यहां इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय डेयरी संघ विश्व डेयरी सम्मेलन 2022 को संबोधित करते हुए कहा, हमारे वैज्ञानिकों ने ढेलेदार त्वचा रोग के लिए स्वदेशी टीका भी तैयार किया है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में भारत के कई राज्यों में इस बीमारी के कारण पशुओं की हानि हुई है। इसके अलावा, इस बीमारी के प्रकोप को काबू में रखने के लिए जानवरों की आवाजाही पर नजर रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। एलएसडी एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मवेशियों को प्रभावित करती है और त्वचा पर गांठ, बुखार का कारण बनती है। यह रोग मच्छरों, मक्खियों, जूंओं और ततैयों से फैलता है। इसके अलावा दूषित भोजन और पानी से भी यह बीमारी फैलती है। उन्होंने कहा, हम पशुओं में पैर और मुंह की बीमारी के लिए 100 प्रतिशत टीकाकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं। चूंकि मवेशियों में बीमारी दूध उत्पादन और इसकी गुणवत्ता को भी प्रभावित करती है, इसलिए सरकार पशुधन के सार्वभौमिक टीकाकरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

इसे भी पढ़ें: रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाया, व्यापक पैमाने पर बिजली संकट

मोदी ने कहा कि भारत के डेयरी क्षेत्र में महिलाएं 70 प्रतिशत कार्यबल का प्रतिनिधित्व करती हैं और डेयरी सहकारी समितियों की एक तिहाई से अधिक सदस्य महिलाएं हैं। उन्होंने आगे कहा कि पिछले 5-6 वर्षों में कृषि और डेयरी क्षेत्र में 1,000 से अधिक स्टार्टअप बनाए गए। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत डेयरी पशुओं का सबसे बड़ा डेटाबेस बना रहा है और डेयरी क्षेत्र से जुड़े हर पशु को टैग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पशु आधार योजना के तहत आधुनिक तकनीक की मदद से पशुओं की बायोमेट्रिक पहचान की जा रही है। भारत लगभग 21 करोड़ टन प्रति वर्ष के साथ दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है। इस अवसर पर मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। कार्यक्रम में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री संजीव बाल्यान भी उपस्थित थे।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

IND vs PAK: Greatest Rivalry या एकतरफा मुकाबला? जानें ICC Events में कौन है असली Boss

Rahu Position In Kundali: Kundali में राहु का ये योग बनाता है बड़ा Politician, दिलाता है सियासत में असीम Success

T20 World Cup | इतिहास रचने की दहलीज पर Zimbabwe, Australia को धूल चटाने के बाद अब Ireland से भिड़ंत, सुपर-8 पर नजरें

AI Impact Summit का असर: Delhi में VVIP Movement से कई रास्ते बंद, Police ने जारी किया Traffic Plan