उत्तर प्रदेश में बीमारियों के उन्मूलन के प्रयास जारी रहेंगे: योगी आदित्यनाथ

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 03, 2022

सिद्धार्थनगर/गोरखपुर (उप्र)|  उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शनिवार को दावा किया कि उनकी सरकार प्रदेश से इंसेफेलाइटिस को ‘‘मिटाने’ में सफल रही है और आरोप लगाया कि राज्य की पूर्ववर्ती सरकारों ने इस बीमारी के रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

मुख्यमंत्री ने बीएसए ग्राउंड में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत करने के बाद अपने संबोधन में चैत्र नवरात्र और ‘हिन्दू नव वर्ष’ के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य में दोबारा सरकार बनाने के लिए उनका आभार जताया। योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) अभिशाप बन गया था और वर्ष 1977 से वर्ष 2017 तक इस क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस से प्रतिवर्ष हजारों बच्चे काल कवलित हो जाते थे। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस बीमारी के कारण हर साल 2,000-3,000 मौतें होती थीं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार को विगत पांच वर्षों में अन्तर्विभागीय समन्वय, विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान तथा विभिन्न जन जागरुकता अभियान द्वारा दिमागी बुखार के नियंत्रण में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त हुई है। राज्य की पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सिर्फ 40 साल तक आश्‍वासन दिया, वे कुछ नहीं कर सक‍े लेकिन हम लोग इंसेफेलाइटिस को खत्म करने में पूरी तरह सफल रहे हैं।

अभियान की सराहना करते हुए योगी ने कहा कि यह एक जागरुकता कार्यक्रम है और यदि आप लोग इस कार्यक्रम से खुद को जोड़ते हैं तो मेरा मानना है कि इंसेफेलाइटिस, डेंगू, चिकनगुनिया और कालाजार को मिटा दिया जाएगा। हमने फाइलेरिया को खत्म करने का भी संकल्प लिया है और टीबी (तपेदिक) जैसी बीमारियों को उत्तर प्रदेश में रहने नहीं देंगे। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि पांच साल के दौरान घातक इंसेफेलाइटिस रोग इस क्षेत्र के लिए एक अभिशाप था, जिसे समाप्त करने में आशा कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने जागरुकता कार्यक्रम चलाए और घर-घर जाकर बीमारी से बचाव एवं संक्रमण होने पर तत्काल कार्रवाई के सुझाव भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान को स्वच्छता के अभियान के साथ जोड़कर सम्पादित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जागरुकता अभियान के साथ ही प्रदेश में जापानी इन्सेफेलाइटिस का टीकाकरण भी प्रारम्भ होगा।

मुख्‍यमंत्री ने स्‍वास्‍थ्‍य और चिकित्‍सा के क्षेत्र में अपने पिछले पांच वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने राज्य को 33 मेडिकल कॉलेज दिए हैं, जिनमें से 17 मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है और बाकी में अगले सत्र से शिक्षण कार्य शुरू होगा।

उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पूरी दुनिया ने तारीफ की है कि उत्तर प्रदेश एक आदर्श राज्य बन गया और यहां कोरोना वायरस महामारी के दौरान मुफ्त जांच, मुफ्त टीकाकरण और मुफ्त इलाज दिया गया। योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार सभी जरूरतमंदों को दोगुना राशन दे रही है।

उन्होंने सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘देश के साथ-साथ काला नमक चावल की सुगंध पूरी दुनिया में फैल रही है और ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) योजना के तहत काला नमक चावल का चयन किया गया है।’’ मुख्यमंत्री ने लोगों से जलजमाव रोकने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की क्योंकि गंदगी और मच्छर विभिन्न जल जनित और मच्छर जनित बीमारियों जैसे इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, कालाजार, चिकनगुनिया आदि का कारण हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य को बीमारियों से मुक्त करने के लिए सरकार स्वच्छता पर जोर दे रही है और हर घर को शौचालय और हर जरूरतमंद को घर दिया जा रहा है। योगी ने सभी से खुले में शौच बंद करने की अपील की और लाभार्थियों से आयुष्मान कार्ड बनाने को कहा ताकि उन्हें मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सके। डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल ने मुख्यमंत्री का जिले में दौरा करने पर स्वागत किया और धन्यवाद दिया।

उल्लेखनीय है कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान पूरे प्रदेश में दो से 30 अप्रैल तक चलेगा और इसके लिए सरकार ने ‘दिमागी बुखार पर सरकार का सीधा वार, सुरक्षित होगा हर परिवार’ नारा दिया है।

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