By अंकित सिंह | Jul 09, 2026
मिस्र फुटबॉल एसोसिएशन ने बुधवार को घोषणा की कि मौजूदा फीफा वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय पुरुष टीम के हेड कोच होसाम हसन का कॉन्ट्रैक्ट बढ़ा दिया गया है। मोहम्मद सालाह की कप्तानी वाली टीम, जो अपना सिर्फ़ चौथा और 2018 के बाद पहला वर्ल्ड कप खेल रही थी, राउंड ऑफ़ 16 तक पहुँची। प्री-क्वार्टर फ़ाइनल में अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ 2-0 की बढ़त बनाकर उन्होंने पूरी फ़ुटबॉल दुनिया को चौंका दिया था, लेकिन मौजूदा चैंपियन ने बड़े मैचों के अनुभव और क्लास का फ़ायदा उठाते हुए 13 मिनट में तीन गोल करके हार के मुँह से जीत और क्वार्टर फ़ाइनल की जगह छीन ली।
हसन की देखरेख में मिस्र ने ग्रुप G में न्यूज़ीलैंड को 3-1 से हराकर अपनी पहली वर्ल्ड कप जीत हासिल की। राउंड ऑफ़ 32 में उन्होंने पेनल्टी शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया को भी हराया, जो वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच में उनकी पहली जीत थी। लोकल मीडिया के अनुसार, नया कॉन्ट्रैक्ट 2030 तक चलेगा। वहीं, मिस्र फुटबॉल संघ ने कहा कि विश्व कप में अर्जेंटीना के खिलाफ अंतिम 16 के मुकाबले में ‘पक्षपातपूर्ण और खराब’ रैफरिंग को लेकर वह खामोश नहीं बैठेगा।
मिस्र के कोच होसाम हसन और कई खिलाड़ियों ने इस मैच में रैफरिंग की आलोचना की है। मैच में 79वें मिनट तक दो गोल से पिछड़ने के बाद अर्जेंटीना ने 13 मिनट में तीन गोल करके चमत्कारिक जीत दर्ज की। ईएफए ने एक बयान में कहा कि मिस्र की राष्ट्रीय टीम के हितों और अधिकारों की रक्षा करने को अनदेखा नहीं किया जा सकता और ना ही उसे कमतर आंका जा सकता है। हम पूरी प्रतिबद्धता से यह जिम्मेदारी निभायेंगे। फीफा के रैफरिंग प्रमुख पियरलुइगी कोलिना ने बुधवार की शाम जारी एक बयान में कहा कि फैसलों को लेकर सार्थक बातचीत हमेशा फुटबॉल का हिस्सा रहेगी लेकिन गलत आरोपों के लिये खेल में कोई जगह नहीं है।
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