By नीरज कुमार दुबे | Mar 31, 2025
देशभर में आज हर्षोल्लास के साथ ईद का त्योहार मनाया जा रहा है साथ ही इस मौके पर जमकर राजनीति भी की जा रही है। हम आपको बता दें कि दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में रविवार शाम ईद-उल-फितर का चांद आसमान में नजर आ गया था। इसी के साथ रमजान का पवित्र महीना संपन्न हो गया और आज देशभर में ईद मनाई जा रही है। इस बार रमजान का महीना 29 दिन का रहा, जबकि पिछले साल यह 30 दिन का था। इससे पहले, 2022 और 2021 में भी यह पवित्र महीना 30-30 दिन का था। इस्लामी कलेंडर के मुताबिक, एक महीने में 29 या 30 दिन होते हैं, जो चांद दिखने पर निर्भर करता है। रमजान के महीने में रोजेदार सुबह सूरज निकलने से पहले से लेकर सूरज डूबने तक कुछ नहीं खाते-पीते हैं। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा है कि शव्वाल (इस्लामी कैलेंडर का 10वां महीना) महीने का पहला दिन सोमवार 31 मार्च को है। हम आपको बता दें कि ईद का त्योहार शव्वाल महीने के पहले दिन ही मनाया जाता है। आज सुबह देशभर में ईद-उल-फितर की विशेष नमाज अदा की गयी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘ईद-उल-फितर की हार्दिक बधाई। यह त्योहार हमारे समाज में आशा, सद्भाव और दयालुता की भावना को बढ़ाए। यह त्योहार आपके लिए खुशहाली लाए और आपको आपके सभी प्रयासों में सफलता मिले। ईद मुबारक।'' वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को ईद की बधाई देते हुए कहा कि इस पर्व पर सभी को सद्भाव एवं सामाजिक सौहार्द को और सुदृढ़ करने का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईद-उल-फित्र के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।’’
वहीं ईद पर हो रही राजनीति की बात करें तो आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से आग्रह किया कि वे ऐसे उकसावे में नहीं आएं जिससे सांप्रदायिक दंगे भड़क सकते हैं। ममता बनर्जी ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार राज्य के लोगों के साथ खड़ी रहेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य में कोई भी तनाव पैदा न कर सके। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कोलकाता के ‘रेड रोड’ पर ईद की नमाज के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘दंगे भड़काने के लिए उकसाने की कोशिश की जा रही है, कृपया इस प्रकार के जाल में न फंसें। पश्चिम बंगाल सरकार अल्पसंख्यकों के साथ खड़ी है। राज्य में कोई भी तनाव पैदा नहीं कर सकता।’’ ममता बनर्जी ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा, ‘‘अगर उन्हें (भाजपा को) अल्पसंख्यकों से समस्या है तो क्या वे देश का संविधान बदल देंगे?’’ उन्होंने भाजपा की ‘‘विभाजनकारी राजनीति’’ के प्रति अपना विरोध दोहराते हुए कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करने में विश्वास रखती हैं। मुख्यमंत्री ने ‘‘भाजपा की विभाजनकारी राजनीति’’ को ऐसी ‘‘जुमला राजनीति’’ कहा जिसका उद्देश्य लोगों को विभाजित करना है। हम आपको यह भी बता दें कि आज कई शहरों में ईद की नमाज के दौरान मुसलमानों ने बांह पर काली पट्टी बांध कर वक्फ संशोधन विधेयक के प्रति अपना विरोध भी दर्ज कराया।