By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 16, 2026
भारत निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी गुटों को 30 अक्टूबर को सुनवाई के लिए बुलाया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के उपचुनावों में तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने के बाद यह पहली सुनवाई होगी।
इसके बाद उपचुनाव लड़ने के लिए दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए गए थे। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के संयुक्त सचिव डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि वह सुनवाई में शामिल होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी गुट बार-बार समय बढ़ाने की मांग कर रहा है।
वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने भी सुनवाई में शामिल होने की बात कही। उन्होंने अपने दावे को लेकर विश्वास जताया। सुनवाई के संबंध में पूछे जाने पर ओ’ब्रायन ने कहा कि इस मामले की प्रक्रिया जुलाई में शुरू हुई थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि निर्वाचन आयोग ने मामले में देरी क्यों की। ओ’ब्रायन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘गद्दारों ने सबसे पहले 22 जून को निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा था। आयोग ने हमसे और उनसे छह जुलाई तक जवाब देने को कहा था।
हमने तुरंत जवाब दे दिया, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद गद्दारों ने केवल समय बढ़ाने की मांग की। निर्वाचन आयोग के साथ उनका एकमात्र संवाद यही था कि उन्हें जवाब देने के लिए और समय दिया जाए।’’ राज्यसभा सदस्य ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने उदारता दिखाते हुए प्रतिद्वंद्वी गुट को जवाब देने के लिए 70 दिन का अतिरिक्त समय दिया।