By रेनू तिवारी | Apr 24, 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्न होने के बाद, निर्वाचन आयोग (EC) ने निगरानी कैमरों और वीडियो डेटा के प्रबंधन के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखना और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की गुंजाइश को खत्म करना है।एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को जारी नए दिशानिर्देशों के अनुसार, मतदान केंद्रों पर लगे कैमरों में उपयोग किए गए एसडी कार्ड मतदान समाप्त होते ही तुरंत नहीं निकाले जा सकेंगे। संबंधित अधिकारियों को केवल कैमरे उतारने की अनुमति होगी, जिसके बाद कैमरे सेक्टर अधिकारी की निगरानी में रहेंगे।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नए प्रोटोकॉल के अनुसार, अब मतदान समाप्त होते ही बूथ पर लगे कैमरों से मेमोरी कार्ड (SD Card) नहीं निकाले जा सकेंगे। इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया तय की गई है:
कैमरों की सुरक्षा: मतदान खत्म होने के बाद अधिकारी केवल कैमरे को उनके स्टैंड से उतार सकेंगे।
सेक्टर अधिकारी की निगरानी: उतारे गए कैमरे सीधे सेक्टर अधिकारी की निगरानी में रहेंगे।
डेटा संग्रहण: एसडी कार्ड केवल 'रिसीविंग सेंटर' पर ही निकाले जा सकेंगे। यह प्रक्रिया सहायक निर्वाचन अधिकारी (ARO) की प्रत्यक्ष उपस्थिति में पूरी की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘एसडी कार्ड केवल निर्धारित डेटा संग्रहण और ‘रिसीविंग सेंटर’ पर सहायक निर्वाचन अधिकारी की उपस्थिति में ही निकाले जा सकेंगे।” चुनाव अधिकारी ने कहा कि मतदान के दौरान रिकॉर्ड की गई सभी वीडियो फुटेज को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संरक्षित किया जाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक कैमरा उपकरण पूरी तरह नहीं उतार लिया जाता, तब तक मतदान दल का कोई सदस्य या बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) मतदान केंद्र नहीं छोड़ सकता।’’
इस बीच, अधिकारी ने बताया कि दूसरे चरण के मतदान के लिए वेबकास्टिंग का परीक्षण शुक्रवार सुबह शुरू होगा। उन्होंने कहा, “यह अभ्यास तीन चरणों में कराया जाएगा।” पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान बृहस्पतिवार को हुआ, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। मतगणना चार मई को की जाएगी।