By अभिनय आकाश | Oct 27, 2025
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित किया जाएगा। कुमार ने सटीक कार्यक्रम या क्षेत्रों के नाम बताए बिना कहा एसआईआर का दूसरा चरण 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जाएगा। एसआईआर अभ्यास का उद्देश्य देश भर में आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूचियों में सटीकता और समावेशिता सुनिश्चित करना है।
प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए एक बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) होता है।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कई मतदान केंद्र होते हैं।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ERO) होता है।
ERO एक उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) स्तर का अधिकारी होता है, जो कानून के अनुसार:
निर्वाचक नामावलियों का मसौदा तैयार करता है,
दावों और आपत्तियों को प्राप्त करता है और उन पर निर्णय लेता है, और
अंतिम निर्वाचक नामावलियाँ तैयार करता है और प्रकाशित करता है।
प्रत्येक तहसील के लिए सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (AERO) होते हैं।
जिला मजिस्ट्रेट, ERO के निर्णय के विरुद्ध प्रथम अपील की सुनवाई करता है।
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डीएम के निर्णय के विरुद्ध द्वितीय अपील की सुनवाई करते हैं।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हर चुनाव से पहले एसआईआर की ज़रूरत होती है क्योंकि राजनीतिक दल मतदाता सूचियों की गुणवत्ता से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, "1951 से 2004 तक आठ बार एसआईआर किया जा चुका है। पिछली एसआईआर 21 साल से भी ज़्यादा समय पहले 2002-2004 में की गई थी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में एसआईआर का पहला चरण शून्य अपील के साथ पूरा हो गया।