By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 04, 2026
नयी दिल्ली, चार नवंबर निर्वाचन आयोग ने उच्चतम न्यायालय में दाखिल अपने हलफनामे के अनुरूप, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया वाले राज्यों में नए मतदाता के पंजीकरण से जुड़े फॉर्म और उसके साथ संलग्न घोषणा पत्र को ऑनलाइन प्रक्रिया में अलग-अलग कर दिया है। आयोग ने सितंबर में उन राज्यों में अपने डिजिटल मंच से घोषणा पत्र को पहले ही हटा दिया था, जहां मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हो चुका है। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के इच्छुक लोगों को फॉर्म-6 भरना होता है।
आयोग के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, पहले आवेदकों की सुविधा के लिए फॉर्म-6 और उसके साथ संलग्न घोषणा पत्र एक ही ओटीपी और ई-साइन के जरिए जमा किए जाते थे। संशोधित प्रक्रिया के तहत अब दोनों दस्तावेज अलग-अलग जमा करने होंगे और इसके लिए अलग-अलग ओटीपी सत्यापन तथा ई-साइन की आवश्यकता होगी। आवेदन सफलतापूर्वक जमा करने के लिए आवेदकों को दोनों प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
उच्चतम न्यायालय में हाल ही में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में आयोग ने कहा था कि उसके मतदाता सूची प्रभाग ने 21 अक्टूबर को यह निर्णय लिया है कि भौतिक रूप से आवेदन जमा करने की प्रक्रिया की तरह ऑनलाइन फॉर्म-6 के आवेदन को भी दो अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाएगा। इनमें नियमों के तहत निर्धारित फॉर्म-6 और एसआईआर घोषणा पत्र शामिल होंगे। आयोग ने मंगलवार को स्पष्ट किया था कि पहले से मतदाता के रूप में पंजीकृत लोग भी एसआईआर की मसौदा मतदाता सूची में अपना नाम नहीं होने पर उसे शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं।
यह स्पष्टीकरण ऐसे मतदाताओं की चिंताओं के बीच आया है, जिनके नाम पहले मतदाता सूची में दर्ज थे। उन्हें आशंका थी कि फॉर्म-6 जमा करने पर वे गलत घोषणा करने के दोषी करार दिए जा सकते हैं और उन पर निर्वाचन कानून के प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है।