By अभिनय आकाश | Feb 17, 2026
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में अनियमितताओं के अनेक आरोपों के मद्देनजर सात एईआरओ (सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी) को निलंबित कर दिया। कैनिंग पुरबा से दो और सूती, मैनागुरी, शमशेरगंज, देबरा और फरक्का निर्वाचन क्षेत्रों से एक-एक अधिकारी निलंबित किए गए हैं। आयोग ने संबंधित कैडर नियंत्रण प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि निलंबित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही तत्काल शुरू की जाए और इस संबंध में आयोग को सूचित किया जाए। इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि एसआईआर प्रक्रिया में शामिल इन अधिकारियों द्वारा गंभीर कदाचार, कर्तव्य की उपेक्षा और वैधानिक अधिकार के दुरुपयोग के साक्ष्य मिले हैं।
इस बीच, सर्वोच्च न्यायालय के 9 फरवरी के निर्देश का पालन करते हुए, चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित सभी फॉर्म-7 आपत्तियों के निपटान के संबंध में एक सख्त संदेश जारी किया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे एक अलग पत्र में कहा गया है कि सभी प्रस्तुत फॉर्म-7 को तुरंत संबंधित ईआरओ और एईआरओ को भेजा जाना चाहिए और प्रत्येक आपत्ति का निपटारा कानून के अनुसार सख्ती से किया जाना चाहिए।
आयोग का कहना है कि इन अधिकारियों के खिलाफ लिया गया ऐक्शन वोटर लिस्ट को शुद्ध बनाने के लिए किया गया। चूंकि, जांच में पाया गया कि यह अधिकारी कथित रूप से नियमों के खिलाफ जाकर काम कर रहे थे, इसलिए यह कार्रवाई हुई। सूत्रों का कहना है कि अभी कुछ और अधिकारी आयोग के रेडार पर है, जिनके खिलाफ आने वाले दिनों में सस्पेंड करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।