By अंकित सिंह | Sep 16, 2025
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एल्गार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले के आरोपी महेश राउत को चिकित्सा आधार पर अंतरिम ज़मानत दे दी। यह आदेश न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने राउत की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया जिसमें उन्होंने बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा ज़मानत दिए जाने के बावजूद उन्हें जेल में रखे जाने के खिलाफ अपील की थी। राउत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सी.यू. सिंह ने पीठ के समक्ष दलील दी कि उनके मुवक्किल रूमेटाइड अर्थराइटिस से पीड़ित हैं और उन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता है।
गौरतलब है कि महेश राउत एल्गर परिषद-भीमा कोरेगांव मामले में गिरफ्तार किए गए कई कार्यकर्ताओं और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं में शामिल हैं। एल्गर परिषद का सम्मेलन दिसंबर 2017 में पुणे के शनिवारवाड़ा किले में आयोजित किया गया था, जहाँ जाँचकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि भड़काऊ भाषणों के कारण 1 जनवरी, 2018 को कोरेगांव-भीमा में हिंसा हुई थी। एक अन्य आरोपी, सांस्कृतिक कार्यकर्ता सागर गोरखे उर्फ जगताप को सितंबर 2020 में कबीर कला मंच के अन्य सदस्यों के साथ इस कार्यक्रम में भड़काऊ नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह अभी भी जेल में है। पीठ द्वारा एल्गर परिषद-माओवादी संबंध मामले में 2020 में गिरफ्तार कार्यकर्ता ज्योति जगताप की जमानत याचिका पर भी सुनवाई किए जाने की उम्मीद है।