By Ankit Jaiswal | Jun 21, 2026
फुटबॉल में अक्सर बड़ी टीमों और स्टार खिलाड़ियों की चर्चा होती है, लेकिन कभी-कभी कोई खिलाड़ी अकेले अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया का ध्यान खींच लेता है। विश्व कप में क्यूरासाओ के गोलकीपर एलोय रूम ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। उनके शानदार खेल की बदौलत क्यूरासाओ ने इक्वाडोर जैसी मजबूत टीम को 0-0 की बराबरी पर रोकते हुए विश्व कप इतिहास का पहला अंक हासिल किया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, 37 वर्षीय एलोय रूम ने पूरे मुकाबले में 15 शानदार बचाव किए। वर्ष 1966 से विश्व कप के आंकड़े दर्ज होने के बाद किसी गोलकीपर द्वारा 90 मिनट के मुकाबले में किए गए यह सबसे अधिक बचाव बताए जा रहे हैं। उनके प्रदर्शन ने इक्वाडोर के हमलावर खिलाड़ियों को लगातार निराश किया और क्यूरासाओ को मुकाबले में बनाए रखा।
बता दें कि क्यूरासाओ को अपने पहले मुकाबले में जर्मनी के खिलाफ 1-7 की करारी हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में बहुत कम लोगों को उम्मीद थी कि टीम इतनी मजबूती से वापसी करेगी। हालांकि मुख्य कोच डिक एडवोकेट की टीम ने इक्वाडोर के खिलाफ अनुशासित खेल दिखाया और एलोय रूम ने दीवार बनकर हर हमले को रोक दिया।
मैच की शुरुआत से ही इक्वाडोर ने आक्रामक रुख अपनाया। तीसरे ही मिनट में एनर वेलेंसिया को गोल करने का मौका मिला, लेकिन एलोय रूम ने शानदार बचाव कर अपनी टीम को शुरुआती झटके से बचा लिया। इसके बाद भी उन्होंने गोंजालो प्लाटा, केविन रोड्रिगेज और वेलेंसिया जैसे खिलाड़ियों के कई प्रयास विफल किए।
दूसरी ओर क्यूरासाओ को भी कुछ अच्छे मौके मिले। पूर्व मैनचेस्टर यूनाइटेड खिलाड़ी ताहित चोंग एक बेहतर अवसर का फायदा नहीं उठा सके, जबकि जुनिन्हो बाकुना का प्रयास रक्षण पंक्ति ने रोक दिया। मुकाबले के दूसरे हिस्से में लिएंड्रो बाकुना, लिवानो कोमेनेंसिया और युर्गेन लोकाडिया को भी गोल करने के अवसर मिले, लेकिन इक्वाडोर के गोलकीपर हर्नान गालिंडेज ने महत्वपूर्ण बचाव किए।
इसके बावजूद मैच का सबसे बड़ा आकर्षण एलोय रूम ही रहे। अंतिम चरण में भी उन्होंने कई शानदार बचाव कर टीम की बराबरी सुनिश्चित की। एक मौके पर केविन रोड्रिगेज का प्रयास क्रॉसबार से टकरा गया, जबकि अन्य हमलों को रूम ने अपने अनुभव और फुर्ती से नाकाम कर दिया।
मैच के बाद एलोय रूम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह परिणाम उनके लिए जीत जैसा है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब शायद क्यूरासाओ में उनकी प्रतिमा लगनी चाहिए। उनका कहना था कि इतने वर्षों बाद भी वह इस दिन को याद रखेंगे क्योंकि यह उनके करियर के सबसे खास पलों में से एक है।
गौरतलब है कि इस प्रदर्शन के बाद एलोय रूम की लोकप्रियता में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। सोशल मीडिया पर उनके अनुयायियों की संख्या कुछ ही समय में कई गुना बढ़ गई। फिलहाल क्यूरासाओ की टीम के अगले दौर में पहुंचने की उम्मीदें अभी भी कायम हैं। यदि टीम अपने अंतिम समूह मुकाबले में आइवरी कोस्ट को हराने में सफल रहती है तो वह नॉकआउट चरण में जगह बना सकती है। ऐसे में अब सभी की निगाहें क्यूरासाओ और उसके नायक एलोय रूम पर टिकी हुई हैं।