By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
कोलकाता, चार अगस्त रोजमर्रा के उपभोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) प्रमुख कंपनी इमामी लिमिटेड का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में लगभग 15 प्रतिशत घटकर 138.94 करोड़ रुपये रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, महंगाई के दबाव और पश्चिम एशिया संघर्ष से पैदा हुई बाधाओं के बीच खर्च बढ़ने से कंपनी के लाभ पर असर पड़ा। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 164.26 करोड़ रुपये था।
कच्चे तेल से जुड़े कच्चे माल और पैकेजिंग सामग्री सहित अन्य प्रमुख लागत में बढ़ोतरी के कारण कंपनी का सकल लाभ मार्जिन 3.6 अंक घटकर 65.8 प्रतिशत रह गया। हालांकि, लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता के बल पर कंपनी की कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) छह प्रतिशत बढ़कर 226 करोड़ रुपये हो गई। क्षेत्रवार आधार पर भारत में परिचालन आय लगभग 20 प्रतिशत बढ़कर 911.96 करोड़ रुपये रही, जबकि अंतरराष्ट्रीय कारोबार से आय करीब 10 प्रतिशत घटकर 127.25 करोड़ रुपये रह गई।
इमामी के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हर्ष वी. अग्रवाल ने कहा कि भू-राजनीतिक चुनौतियों, महंगाई और असामान्य गर्मी के मौसम के बावजूद कंपनी ने मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज की। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (एआई) कंपनी की विकास रणनीति के प्रमुख आधार बनते जा रहे हैं। कपंनी के वाइस चेयरमैन एवं पूर्णकालिक निदेशक मोहन गोयनका ने कहा कि अनुशासित क्रियान्वयन, लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता के कारण कंपनी बढ़ी हुई लागत के बावजूद आय में वृद्धि दर्ज करने में सफल रही।
उन्होंने उम्मीद जताई कि जिंस कीमतों में नरमी और नए उत्पादों की मजबूत श्रृंखला से आगे लाभप्रदता को समर्थन मिलेगा।