कोरोना के दो टीकों को आपात मंजूरी विज्ञान के क्षेत्र में भारत की लंबी छलांग: उपराष्ट्रपति

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 04, 2021

नयी दिल्ली। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भारत में कोरोना वायरस के विरुद्ध दो टीकों को सीमित आपातकालीन उपयोग के लिए दी गयी मंजूरी को सोमवार को ‘विज्ञान के क्षेत्र में देश की लंबी छलांग’ करार दिया जो मानवता को लाभ पहुंचाएगी। अपने फेसबुक पोस्ट में नायडू ने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि कैसे ‘‘आत्मनिर्भर भारत’’ न केवल भारतीयों बल्कि पूरी मानवता को लाभ पहुंचा सकता है। कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करने में पिछले साल देश द्वारा दिखाये गये संकल्प की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने इस साल टीके को लोगों तक पहुंचाने में भी उसी भावना से काम करने का आह्वान किया। 

इसे भी पढ़ें: वैक्सीन को लेकर सियासी विवाद पर भारत बायोटेक के एमडी बोले, किसी राजनीतिक दल से कोई नाता नहीं

उन्होंने लिखा, ‘‘भारत इस अत्यावश्यक टीके का बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की अपनी योग्यता और क्षमता का प्रदर्शन करते हुए इस जानलेवा बीमारी से मानवता की रक्षा करने में अग्रणी रहा है। भारत के स्वदेशी टीके (कोवैक्सीन) में वायरस के संपूर्ण आयाम पर आधारित कुछ अनूठी विशेषताएं हैं। यह सराहनीय उपलब्धि है और सभी संबंधित लोग/पक्ष इस दूरदर्शी, दृढ़ एवं संकल्पबद्ध प्रयास के फलीभूत होने पर प्रशंसा के पात्र हैं।’’ कोविड-19 के कारण 2020 में विनाशकारी प्रभावों का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि टीके का इंतजार किया जा रहा है क्योंकि सुरक्षा और संरक्षापूर्ण जीवन में लौटने का यही एकमात्र हथियार है। उन्होंने कहा, ‘‘ हर जरूरतमंद तक टीके की खुराक पहुंचने तक जश्न इंतजार कर सकता है, लेकिन इस आशावादी पल के लिए बधाई देना संदर्भ से परे नहीं है।’’ 

प्रमुख खबरें

Iran-Israel Conflict: परमाणु प्लांट के पास मिसाइल अटैक से दुनिया की सांसें थमीं, 180 जख्मी

PM Modi ने रचा नया इतिहास, देश में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले Non-Congress Leader बने

Share Market का Red Alert: Investors के 1 लाख करोड़ डूबे, इन शेयरों में हुई भारी बिकवाली

Premier League: Everton ने Chelsea को 3-0 से रौंदा, लगातार चौथी हार से बढ़ा संकट