भावनाओं को जरूरत से अधिक बहने की अनुमति नहीं दी जा सकतीः उच्च न्यायालय

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 09, 2025

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट करने के लिए आरोपी अजीत यादव के खिलाफ दर्ज की गयी प्राथमिकी रद्द करने से मना कर दिया है।

अदालत ने तीन जून को दिये निर्णय में कहा, “भावनाओं को इस हद तक नहीं बहने दिया जा सकता कि इस देश के संवैधानिक अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का उपयोग कर उन्हें बदनाम किया जाए। यह संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अधिकार का प्रयोग कर प्राथमिकी में हस्तक्षेप करने का उचित मामला नहीं है, इसलिए इस याचिका को खारिज किया जाता है।”

याचिकाकर्ता अजीत यादव ने फेसबुक पर कथित रूप से तीन पोस्ट किये थे जिन्हें लेकर उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।इन पोस्ट में प्रधानमंत्री के लिए कई अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है।

प्रमुख खबरें

Allahabad High Court IAS Officer | मैं सीनियर IAS हूँ, तुमने बदतमीजी की... महिला जज को फोन पर धमकाना पड़ा भारी, दुर्गा शक्ति नागपाल पर चलेगा अवमानना का केस!

BCCI Junior Selection Committee युवा खिलाड़ियों को ड्रग्स और मैच फिक्सिंग के खतरों से करेगी सतर्क

Sawan Special: सावन के महीने में हाथों की रौनक बढ़ाएंगे ये Green Bangles के ट्रेंडी और खूबसूरत Designs

FIH Womens Hockey World Cup: दिल तोड़ बाहर हुई Team India, अब 5वें स्थान के लिए जंग!