By दिनेश शुक्ल | Dec 17, 2020
भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए संदेश देते हुए कहा है कि ऊर्जा हमारे जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा ने विभिन्न रूपों में हमारी जीवन-शैली में महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। इन विभिन्न रूपों में बिजली ऊर्जा का वह प्रकार है जो सबको सुगमता से हर कहीं उपलब्ध और सुलभ है। यही कारण है कि ऊर्जा के विभिन्न स्त्रोतों को भी बिजली के रूप में बदलकर उसका उपयोग प्रकाश, यातायात, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कृषि जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के साथ मनोरंजन, दूरसंचार एवं पर्यटन जैसे सुख-साधन में भी किया जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि एक अनुमान के अनुसार विद्युत के गुणवत्तापूर्ण उपयोग तथा उचित प्रबंधन और अनावश्यक उपयोग पर अंकुश लगाकर औद्योगिक क्षेत्र में 20 से 25 प्रतिशत, कृषि क्षेत्र में 25 से 30 प्रतिशत तथा घरेलू एवं वाणिज्यिक क्षेत्र में 15 से 20 प्रतिशत तक बिजली की बचत की जा सकती है। यदि हम ऊर्जा हानियों में कमी ला सकें और उपभोक्ताओं को ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रेरित कर सकें, तो प्रदेश का हित ऊर्जा क्षेत्र में और अधिक कर सकते हैं।
उन्होंने बताया है कि ऊर्जा बचत और ऊर्जा दक्षता के लाभों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने मध्य प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण के विभिन्न उपाय लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भारत शासन के ऊर्जा मंत्रालय के अधीन स्वायत्तशासी निकाय ‘‘ऊर्जा दक्षता ब्यूरो‘‘ ने विभिन्न क्षेत्रों में ऊर्जा बचत को ध्यान में रखते हुए योजनाएं प्रारंभ की हैं। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा विभिन्न उपकरणों में ऊर्जा दक्षता की रेटिंग के लिए बीईई स्टार लेबल जारी किए हैं।
उन्होंने बताया कि यह स्टार लेबल ऊर्जा दक्षता के रेटिंग के मानकीकरण और मानक परीक्षण परिस्थितियों में ऊर्जा की खपत को इंगित करने के लिए बनाये गये हैं। रेफ्रिजरेटर, एसी तथा अन्य ऊर्जा उपकरण खरीदते समय आपने इन बीईई स्टार लेबल को अवश्य देखा होगा। पॉंच स्टार का मतलब सबसे अधिक ऊर्जा दक्ष उपकरण और उससे कम स्टार पर उससे कम दक्ष उपकरण होते है। अधिक ऊर्जा दक्ष उपकरण से ऊर्जा खपत में अधिक कमी कर पैसा बचाया जा सकता है। राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्ताह 14 दिसंबर से 21 दिसंबर 2020 तक मनाया जा रहा है।