By Ankit Jaiswal | Jul 08, 2026
इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम की सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल टैमी ब्यूमोंट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला कर लिया है। वह भारत के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के बाद अपने लगभग 17 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन करेंगी। गौरतलब है कि यह मुकाबला ऐतिहासिक भी होगा क्योंकि लॉर्ड्स मैदान पर पहली बार महिला टेस्ट मैच आयोजित किया जा रहा है।
बता दें कि वर्ष 2016 में महिला टी-20 विश्व कप में अच्छे प्रदर्शन के बाद उनका करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा। उसी साल पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में उन्होंने एकदिवसीय और टी-20 मुकाबलों को मिलाकर 484 रन बनाए और अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक भी जड़ा। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
टैमी ब्यूमोंट के करियर का सबसे यादगार पल वर्ष 2017 में आया, जब इंग्लैंड ने अपने घर में महिला एकदिवसीय विश्व कप का खिताब जीता। उस पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की और उन्हें प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। उनकी निरंतरता और बड़े मुकाबलों में प्रदर्शन करने की क्षमता ने उन्हें इंग्लैंड की महान बल्लेबाजों की सूची में शामिल कर दिया।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में टैमी ब्यूमोंट ने 208 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। उन्होंने 88 साल पुराना इंग्लैंड का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था। इसके अलावा वह इंग्लैंड की उन चुनिंदा महिला खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने क्रिकेट के तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में शतक लगाए हैं। एकदिवसीय क्रिकेट में उनके नाम 12 शतक दर्ज हैं, जो इंग्लैंड महिला टीम का रिकॉर्ड भी है।
संन्यास की घोषणा करते हुए टैमी ब्यूमोंट ने कहा कि लगभग 17 वर्षों तक इंग्लैंड के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि बचपन में उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनके अनुसार अब समय आ गया है कि अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स में होने वाला यह टेस्ट मैच उनके करियर को अलविदा कहने के लिए सबसे उपयुक्त अवसर है।
इंग्लैंड महिला क्रिकेट की प्रबंध निदेशक क्लेयर कॉनर ने भी टैमी ब्यूमोंट की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि टैमी ने महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। वह हमेशा टीम के हित को प्राथमिकता देने वाली खिलाड़ी रहीं और मैदान के अंदर तथा बाहर सभी के लिए प्रेरणा बनीं। उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
बता दें कि टैमी ब्यूमोंट का करियर केवल रिकॉर्ड और उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने उस दौर को भी देखा जब महिला क्रिकेट लगातार पेशेवर बनता गया। ऐसे में भारत के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय सफर का भावुक और यादगार अंतिम अध्याय बनने जा रहा है।