Epstein case: अमेरिका में नई फाइलें जारी, रेडैक्शन और गायब दस्तावेज़ों पर विवाद

By Ankit Jaiswal | Dec 23, 2025

अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) ने दिवंगत यौन अपराधी और फाइनेंसर जेफ्री एप्स्टीन से जुड़े हज़ारों अतिरिक्त दस्तावेज़ सार्वजनिक किए हैं। इन फाइलों में कई प्रभावशाली और चर्चित हस्तियों की तस्वीरें भी शामिल हैं, जिनके साथ एप्स्टीन के संपर्क होने की पुष्टि होती हैं।

हालांकि, इन फाइलों के सामने आने के बाद पारदर्शिता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में दस्तावेज़ों को भारी तौर पर ब्लैकआउट यानी रेडैक्ट किया गया है, जिससे कई अहम जानकारियां पढ़ी ही नहीं जा सकती हैं। अभियान चला रहे संगठनों का कहना है कि इससे सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आ पा रही हैं।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जारी की गई फाइलों में से कम से कम 16 दस्तावेज़ बाद में वेबसाइट से हटा दिए गए हैं। इनमें एक तस्वीर ऐसी भी थी, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप दिखाई दे रहे थे। इस हटाए जाने को लेकर न्याय विभाग ने अब तक कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है, हालांकि सोशल मीडिया पर विभाग ने कहा है कि सामग्री की कानूनी समीक्षा और आवश्यक रेडैक्शन की प्रक्रिया जारी हैं।

गौरतलब है कि एप्स्टीन ने 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या कर ली थी। उससे पहले भी उससे जुड़े कई दस्तावेज़ और अदालत के रिकॉर्ड सामने आ चुके थे। इस बार जारी हुई फाइलों में एक अहम खुलासा यह है कि एफबीआई को एप्स्टीन के अपराधों की जानकारी उसकी पहली गिरफ्तारी से करीब एक दशक पहले मिल चुकी थी। वर्ष 1996 में पीड़िता मारिया फार्मर ने एफबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।

नई फाइलों में ग्रैंड जूरी की गवाही भी शामिल है, जिसमें नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण और पैसों के बदले यौन कृत्यों के विवरण दर्ज हैं। कुछ बयान बताते हैं कि पीड़िताओं की उम्र 14 साल तक थी। एक गवाह ने यह भी कहा कि वह खुद 16 साल की उम्र में एप्स्टीन के संपर्क में आई और बाद में अन्य लड़कियों को लाने के लिए उसे पैसे दिए जाते थे।

इन दस्तावेज़ों के साथ कई तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें बिल क्लिंटन, मिक जैगर, माइकल जैक्सन, डायना रॉस, केविन स्पेसी, रिचर्ड ब्रैनसन और ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि, न्याय विभाग ने इन तस्वीरों के संदर्भ या परिस्थितियों को लेकर कोई आधिकारिक विवरण नहीं दिया।

पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के प्रवक्ता ने इन तस्वीरों को भटकाने वाला बताते हुए कहा है कि क्लिंटन पर कभी कोई आरोप नहीं लगा और वे एप्स्टीन से काफी पहले ही संबंध तोड़ चुके थे। वहीं, ट्रंप से जुड़ी फाइलों को लेकर व्हाइट हाउस का कहना है कि प्रशासन अब तक का सबसे पारदर्शी रहा है और पीड़ितों के हित में काम कर रहा हैं।

डेमोक्रेट सांसदों ने आरोप लगाया है कि फाइलों को अधूरा जारी कर कानून की भावना का उल्लंघन किया गया। सीनेट और हाउस की कई समितियों ने चेतावनी दी है कि अगर पूरी जानकारी सामने नहीं लाई गई, तो अदालत का दरवाज़ा खटखटाया जा सकता हैं।

न्याय विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में और दस्तावेज़ जारी किए जाएंगे, लेकिन तब तक यह सवाल बना हुआ है कि एप्स्टीन नेटवर्क से जुड़ी पूरी सच्चाई कब और कितनी सामने आ पाएगी।

प्रमुख खबरें

Womens Cricket का बदलेगा कैलेंडर, ICC ने Champions Trophy की तारीख बदली, नए Tournament को मंजूरी।

Indian Economy के लिए Good News, सरकार ने समय से पहले हासिल किया Fiscal Deficit का Target

Tata Sons Listing पर Noel Tata की आपत्ति, Stock Market में ग्रुप शेयरों को लगा बड़ा झटका

ICC का बड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार के आरोपों पर Cricket Canada सस्पेंड, लेकिन Players खेलेंगे मैच