By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 13, 2026
एटा की एक अदालत ने 2005 के चर्चित मोहरपाल हत्याकांड में करीब 20 साल बाद फैसला सुनाते हुए दो तत्कालीन पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनायी है। अदालत ने तत्कालीन दरोगा गजराज सिंह और सिपाही महावीर सिंह को भारतीय दंड संहिता (भादंसं) की धारा 302/34 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई है और प्रत्येक पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मोहरपाल को पुलिसकर्मी गांव से पकड़कर थाना जैथरा ले गए थे जहां कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई जिसके बाद पुलिस हिरासत में उसकी मौत हो गई।
दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।