By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 12, 2021
लंदन। इटली की फुटबॉल में सुखद वापसी हो गयी लेकिन इटली Cका किसी बड़े खिताब का पिछले पांच दशकों से भी अधिक समय से चला आ रहा पीड़ादायक इंतजार बदस्तूर जारी रहा। और यह केवल एक पेनल्टी शूटआउट के कारण हुआ। इटली ने रविवार की रात को खेले गये फाइनल में इंग्लैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर यूरोपीय फुटबॉल चैंपियनशिप – यूरो 2020 का खिताब जीता। दोनों टीमें नियमित और अतिरिक्त समय तक 1-1 से बराबरी पर थी। यह दूसरा अवसर है जबकि इटली यूरो चैंपियन बना। जियानलुगी डोनारुम्मा ने अपनी बायीं तरफ डाइव लगाकर बुकायो साका का शॉट रोका और इस तरह से इंग्लैंड को अपने पसंदीदा वेम्बले स्टेडियम में लगातार तीसरी बार पेनल्टी शूटआउट में नाकामी हाथ लगी।
इटली के लियोनार्डो बोनुची ने 67वें मिनट में बराबरी का गोल किया। लंदन के रहने वाले 19 वर्षीय साका को पेनल्टी में उनकी चूक के बाद इंग्लैंड के कई खिलाड़ियों ने गले लगाया। इंग्लैंड के कोच गेरेथ साउथगेट इससे पिछली पेनल्टी चूकने वाले जादोन सांचो के गले लगे जबकि पेनल्टी में नाकाम रहे एक अन्य खिलाड़ी मार्कस रशफोर्ड निराश होकर मैदान से बाहर चले गये। सांचो और रशफोर्ड को अतिरिक्त समय के अंतिम क्षणों में स्थानापन्न के रूप में लाया गया था। ऐसा लगता है कि पेनल्टी लेने की उनकी विशेषज्ञता के कारण यह फैसला किया गया था। निर्णायक पेनल्टी रोकने के बाद डोनारुम्मा के आंसू नहीं थम रहे थे। उनके साथी उनकी तरफ दौड़ पड़े और उन्हें अपने गले लगा दिया। इटली के प्रशंसक मदहोश थे और खिलाड़ी जोश में। इटली ने इससे पहले 1968 में यूरोपीय चैंपियनशिप जीती थी। यूरोपीय चैंपियनशिप के पिछले छह में से तीन फाइनल की तरह यह मैच भी अतिरिक्त समय तक खिंच गया। यह अप्रत्याशित नहीं था क्योंकि दोनों सेमीफाइनल भी अतिरिक्त समय तक खिंचे थे और उन मैचों में भी इन दोनों टीमों ने अपनी रक्षात्मक क्षमता का अच्छा नमूना पेश किया था। असल में इटली की मजबूत रक्षापंक्ति में केवल एक बार सेंध लगायी गयी और वह भी तब जब शॉ ने कीरन ट्रिपियर के क्रास पर गोल किया। यह शॉ का इंग्लैंड की तरफ से पहला गोल था। विशिष्ट अतिथियों के बॉक्स में बैठे डेविड बैकहम और टॉम क्रूज ने भी अन्य दर्शकों की तरह इस गोल का जश्न मनाया। इसके बाद इटली के मध्यपंक्ति के खिलाड़ियों ने दबदबा बनाया। उनकी पासिंग लाजवाब थी। इंग्लैंड का रक्षण भी मजबूत था, लेकिन दूसरे हाफ में इटली उसमें सेंध लगाने में सफल रहा। दायें छोर से एक विंगर ने पोस्ट के करीब गेंद पहुंचायी और बोनुची गोल करने में सफल रहे। इंग्लैंड ने इसके बाद अच्छा खेल दिखाया लेकिन वह मैच को पेनल्टी शूट आउट में खिंचने से नहीं रोक पाया।