यूरोपीय देशों ने ऊर्जा के दामों को नियंत्रण में रखने के लिए कोशिशें तेज की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 10, 2022

यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध से वैश्विक ऊर्जा दामों में वृद्धि के बीच यूरोपीय संघ ने लोगों को तेजी से बढ़ रहे इस ऊर्जा दामों से बचाने का अपना अभियान तेज कर दिया है। दरसअल बढ़ते दामों के कारण यूरोप में सर्दियों में लोगों के गरीबी और ठंड से बुरी तरह परेशान होने की आशंका उत्पन्न हो गयी है। संघ के 27 सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्रियों ने आपात बैठक की है और उन्हें गैस एवं बिजली के मूल्यों को नियंत्रण में रखने के विभिन्न प्रस्तावों पर भिन्न-भिन्न विचारों के बीच सहमति बन जाने की उम्मीद है।

इस गैस का उपयोग कारखानों, विद्युत उत्पादन और सर्दियों में घर को गर्म रखने में किया जाता है। रूस के इस कदम के चलते ऊर्जा के दाम और मुद्रास्फीति बढ़ गयी है जिससे यूरोप को इस साल के उत्तरार्ध में मंदी आने की आशंका है। आयरिश परिवहन, पर्यावरण एवं जलवायु मंत्री इयामोन रयान ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ यहां सबसे बड़ा हस्तक्षेप रूस सरकार की तरफ से है।

उसने अपने कदमों से गैस को युद्ध के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है। हमें हस्तक्षेप करना होगा क्योंकि पूरे बाजार के साथ खिलवाड़ किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि ‘महीनों नहीं, बल्कि सप्ताहों के अंदर’ कदम उठाया जाना चाहिए। चेक गणराज्य के उद्योग मंत्री ने कहा, ‘‘ अब प्रतीक्षा करने का वक्त नहीं है, हमें शीघ्रता एवं एकजुटता दिखानी होगी।

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