Ukraine में जारी जंग के बीच बड़े पैमाने पर रूसी युद्ध अपराधों के प्रमाण मिले

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 30, 2022

कीव। यूक्रेन में दस महीने से जारी युद्ध के बीच इस बात के पर्याप्त प्रमाण मिले हैं कि रूसी सैनिकों ने युद्ध भूमि में आचरण और नागरिकों के साथ बर्ताव संबंधी अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए पूर्ण युद्ध छेड़ रखा है। यूक्रेन अभी रूस के संभावित युद्ध अपराधों के 58 हजार से अधिक मामलों की जांच कर रहा है, जिनमें हत्या, अपहरण, अंधाधुंध बमबारी और यौन हमलों से जुड़े मामले शामिल हैं। ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) और ‘फ्रंटलाइन’ की रिपोर्ट में स्वतंत्र रूप से 600 से अधिक ऐसे मामलों की पहचान की गई है, जिनमें युद्ध कानूनों का उल्लंघन किए जाने के संकेत मिलते हैं। इनमें से कुछ मामले सैकड़ों नागरिकों का नरसंहार करने वाले हमलों से जुड़े हैं।

यही नहीं, कथित युद्ध अपराधों को अंजाम देने वाले ज्यादातर सैनिक यूक्रेनी अधिकारियों की गिरफ्त से बचने में सफल रहे हैं और अब रूसी सीमा में दाखिल हो चुके हैं। यहां तक कि सफल अभियोगों में भी न्याय सीमित रहा है। मिसाल के तौर पर 21 वर्षीय टैंक कमांडर वादिम शिशमारिन से जुड़ा मामला ले लें, जो युद्ध अपराधों के आरोपों का सामना करने वाला पहला रूसी सैनिक था। उसने इस साल मार्च में आत्मसमर्पण कर दिया था। मई में कीव की एक अदालत उसे 62 वर्षीय एक यूक्रेनी नागरिक को सिर में गोली मारने के जुर्म में दोषी करार दिया।

शिशमारिन को पहले उम्रकैद की सजा सुनाई गई, जिसे अपील के बाद घटाकर 15 साल के कारावास की सजा कर दिया गया। आलोचकों का कहना था कि शिशमारिन को सुनाई गई प्रारंभिक सजा अनुचित रूप से कठोर थी, यह देखते हुए कि उसने अपना अपराध कबूल किया था। उन्होंने तर्क दिया कि शिशमारिन आदेशों का पालन कर रहा था और उसने अपने किए पर पछतावा जाहिर किया था।

प्रमुख खबरें

Menopause Diet Tips: मजबूत हड्डियां, अच्छी नींद! Menopause के लक्षणों से राहत दिलाएगा यह Special Diet Plan

सहारनपुर में सनसनी: किराए के कमरे में खौफनाक मंजर! पंखे से लटका मिला युवक, जमीन पर बेसुध पड़ी थी युवती, जांच में जुटी पुलिस

Sanae Takaichi ने PM Modi को कहा बड़ा भाई, Defence, Energy और समुद्री सुरक्षा पर हुई Mega Deal Final

Fake Legal Precedents | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बड़ी चूक! सुप्रीम कोर्ट ने पकड़े 6 मनगढ़ंत फैसले, NCLT और NCLAT के आदेश निरस्त