By नीरज कुमार दुबे | Oct 01, 2022
श्रीनगर। नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला जब जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने एक नीति बनाई थी जिसके तहत आतंकवाद का रास्ता छोड़ने वाले लोगों का पुनर्वास किया जाना था। ऐसे में आतंकवादी रहे लोगों के पाकिस्तान में रहने वाले पत्नी और बच्चे भी भारत आ गये थे ताकि पूरा परिवार एक साथ रह सके। लेकिन उमर अब्दुल्ला की यह पुनर्वास नीति फेल हो गयी जिसका खामियाजा आज काफी लोग भुगत रहे हैं। हम आपको बता दें कि एक दशक पहले पुनर्वास नीति के तहत कश्मीर में आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादियों की पाकिस्तानी पत्नियों का कहना है कि यहां बिना किसी दस्तावेज के जीवन जीना काफी कठिन हो गया है इसलिए उन्होंने भारतीय नागरिकता देने या फिर पाकिस्तान भेजने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।