रियल स्टेट के लिए नाकाफी है 6 माह का वक्त ! क्रेडाई अध्यक्ष बोले- विशेष आर्थिक पैकेज की थी उम्मीद

By अनुराग गुप्ता | May 14, 2020

नयी दिल्ली। कोरोना महामारी से उबरने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है। जिसके बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण धीरे-धीरे जानकारियां दे रही हैं। इसी बीच वित्त मंत्री ने रियल्टी परियोजनाओं को पूरा करने की समयसीमा छह महीने बढ़ाने की घोषणा की।

हालांकि, इस घोषणा के बावजूद आर्थिक पैकेज की उम्मीद लगाए बैठे बिल्डरों को काफी मायूसी हुई है। रियल स्टेट से जुड़े हुए लोगों ने 6 महीने की मिली राहत को नाकाफी बताया है। इन लोगों ने कहा कि पूरा सेक्टर आर्थिक हालातों से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरे उद्योगों की तरह इस सेक्टर को भी विशेष आर्थिक पैकेज मिलना चाहिए था। 

6 महीने की राहत मिलने से नहीं पड़ेगा ज्यादा फर्क

बिल्डरों की संस्था क्रेडाई के अध्यक्ष प्रशांत तिवारी ने निराशा जताते हुए कहा कि हम लोगों ने रेरा के समक्ष एक साल की समयसीमा बढ़ाए जाने की मांग रख चुके थे। हालांकि सरकार ने 6 महीने की राहत दी है। इससे हमारे सेक्टर को ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार को तो समयसीमा बढ़ानी ही पड़ती लेकिन हम लोग विशेष आर्थिक पैकेज की उम्मीद लगाए बैठे हुए थे। मगर हमें निराशा ही मिली।

बिल्डरों के लिए भी लेनी चाहिए गारंटी

आर्थिक पैकेज के ऐलान के बाद क्रेडाई के पूर्व अध्यक्ष मनोज गौड़ ने कहा कि जिस तरह सरकार उद्योगों के लिए बैंकों से लोन लेने में गारंटी ले रही है, ठीक उसी प्रकार बिल्डरों के लिए यह कदम उठाया जाना चाहिए था। इससे छोटे बिल्डरों को काफी फायदा होता। अभी हालात यह हैं कि पैसों की कमी की वजह से ये लोग अफना काम नहीं कर पा रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: आत्मनिर्भर भारत का मतलब दुनिया से कटना या अकेले चलना नहीं: सीतारमण 

गौरतलब है कि वित्त मंत्री ने बुधवार को कहा कि रियल एस्टेट (नियमन एवं विकास) कानून यानी रेरा कानून के तहत कोरोना वायरस महामारी को ‘दैवीय आपदा’ माना जाएगा। इससे बिल्डरों को परियोजनाओं को पूरा करने के लिए और समय दिया जा सकेगा। यह राहत रेरा के तहत पंजीकृत उन सभी परियोजनाओं को मिलेगी जिनकी समयसीमा 25 मार्च या उसके बाद समाप्त हो रही है।

वित्त मंत्री ने कहा कि नियामक 25 मार्च या उसके बाद पूरी होने वाली सभी पंजीकृत परियोजनाओं के लिए स्वत: समयसीमा छह माह तक बढ़ा सकेंगे। जरूरत होने पर इन परियोजनाओं को पूरा करने की समयसीमा तीन महीने और बढ़ाई जा सकेगी।

प्रमुख खबरें

NEET-UG Paper Leak पर देश में बवाल, सवालों से बचते दिखे शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan

Health Alert: क्या आपका एयर कंडीशनर आपको बीमार कर रहा है? जानिए इसके चौंकाने वाले नुकसान

NEET-UG Paper Leak पर भड़के Anand Kumar, बोले- नकल रोकने के लिए China Model अपनाए सरकार

T20 Cricket में बल्लेबाजों ने बदला पूरा खेल, Rahul Dravid बोले- गेंदबाजों के लिए बड़ी Challenge