Expired Food सेहत के लिए जहर: पहचानें धोखाधड़ी, FSSAI के नियम क्या कहते हैं? Health Risk

By दिव्यांशी भदौरिया | Sep 02, 2026

जब हम पैकेटबंद खाना खरीदते हैं, तो खासकर उसकी कीमत, स्वाद और ब्रांड देखते हैं, लेकिन पैकेट पर लिखी निर्माण तारीख, समाप्ति और 'बेस्ट बिफोर' को देखना भूल ही जाते हैं। इन दिनों एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की तारीख को बदलकर उन्हें दोबारा बेचा जा रहा है, ऐसे कई मामले सामने आए हैं।

मुंबई में 75 लाख रुपये से ज्यादा का एक्सपायरी खाना

 यह जानकर आप हैरान हो जाएंगे कि नवी मुंबई के तुर्भे इलाके में खाद्य एवं औषधि प्रशासन और पुलिस ने एक पैकेजिंग परिसर पर कार्रवाई की। यहां 4,942 कार्टन एक्सपायरी खाद्य पदार्थ मिले, जिनकी कीमत 75 लाख रुपये से ज्यादा बताई गई है। इन खाद्य पदार्थों की निर्माण और समाप्ति तारीख में छेड़छाड़ की गई थी।

दिल्ली में  एक्सपायरी सामान की तारीख बदलकर दोबारा बिक्री

जुलाई में दिल्ली के ओखला औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस ने एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की ब्रिकी, निर्माण और समाप्ति तारीख में बदलाव और दोबारा पैकिंग से जुड़े मामले का खुलासा हुआ है। इस मामले में 20 लाख रुपये से अधिक का सामान जब्त किया गया और सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।

खाने की चीजों पर लिखी तारीखों का मतलब

जब हम खाद्य पदार्थों को खरीदते हैं, तो उस प्रोडक्ट की लेबलिंग, निर्माण/पैकिंग की तारीख, समाप्ति/उपयोग की अंतिम तारीख और 'बेस्ट बिफोर' से संबंधित एफएसएसएआई के खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लेबलिंग एवं प्रदर्शन) विनिमय, 2020 के तहत आते हैं।

प्रोडक्ट एक्सपायरी डेट लिखने के नियम 

 - 3 महीने तक की शेल्फ लाइव वाले उत्पादों पर दिन, महीना और वर्ष लिखा जाता है। 

 - 3 महीने से अधिक की शेल्फ लाइफ वाले उत्पादों पर महीना और वर्ष लिखा होता है।

 - कुछ उत्पादों पर दिन, महीना और वर्ष लिखा जाता है।

वहीं, सात दिन या उससे कम शेल्फ लाइफ वाले खाद्य पदार्थों पर निर्माण की तारीख लिखना जरुरी नहीं हो सकता है। हालांकि, समाप्ति/उपयोग की अंतिम तारीख लिखना जरुरी है। यदि किसी मिश्रित पैकेट में अलग-अलग खाद्य पदार्थ हैं, तो उसकी घोषित शेल्फ लाइफ सबसे कम शेल्फ लाइफ वाले उत्पाद के आधार पर होगी। 

एक्सपायर्ड खाना कैसे है आपके लिए हानिकारक?

-हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, यदि आप एक्सपायर्ड खाना खाते हैं, तो यह शरीर के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। पहला खाने का पोषण मूल्य कम हो जाता है और दूसरा संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसमें कीटाणु, बैक्टीरिया और वायरस फैलने का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है। 

-लेकिन यह खाने की पैकेजिंग पर भी निर्भर करता है। यदि कोई सूखा खाना है और वैक्यूम पैक किया गया है, तो संक्रमण का खतरा कम हो सकता है, लेकिन उसकी गुणवत्ता कम हो सकती है। यदि खाना गीला है, तो उसमें खतरनाक बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनप सकते हैं। इसके सेवन से व्यक्ति को फूड पॉइजनिंग, डायरिया और बुखार हो सकता है। वहीं, इसका प्रभाव कुछ दिन से लेकर कुछ दिनों तक रह सकता है। 

-अगर आप यह सोचते हैं कि खराब खाने को गर्म या उबाल दिया जाए तो खतरा टल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। खाद्य पदार्थ के खाने से गंभीर संक्रमण हो सकता है। इसके सेवन से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए ऐसा खाना खाने से सेहत क लिए खतरनाक माना जाता है। जिन लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उन्हें भी खतरा हो सकता है। 

उपभोक्ताओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

 - खरीदने से पहले निर्माण और समाप्ति/उपयोग की अंतिम तारीख जरुर देखें।

 - बेस्ट बिफोर और एक्सपायरी में अंतक समझें।

 - पैकेट पर दी गई भंडारण की शर्तों का पालन करें।

 - यदि पैकेट फटा हुआ, खुला या क्षतिग्रस्त हो, तो न खरीदें।

 - खाद्य पदार्थ की महक और स्वाद सामान्य होने पर भी उसे सुरक्षित न मानें।

 - अगर आपको एक्सपायरी या सुरक्षा को लेकर थोड़ा भी संदेह हो, तो उसे न खाएं।

 - डेयरी और मांसाहारी उत्पादों को लेकर विशेष सावधानी बरतें। 

 - किसी भरोसेमंद स्रोत से ही खाद्य पदार्थ खरीदें। 

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